पाचोरा में 12 हजार ग्राहकों ने शुरू की स्मार्ट रूफटॉप सोलर योजना की प्रक्रिया
महावितरण के पाचोरा उपविभाग ग्रामीण में 12 हजार 6 घरेलू ग्राहकों ने सोलर योजना के लिए पहल की है।
घरेलू ग्राहकों का बिजली बिल कम करने और उसे शून्य तक लाने के मकसद से केंद्र और राज्य सरकार मिलकर स्मार्ट रूफटॉप सोलर योजना चला रही हैं। पाचोरा तालुका में इस योजना को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
महावितरण के पाचोरा उपविभाग ग्रामीण के तहत 12 हजार ग्राहकों ने 1 किलोवॉट सोलर योजना का फायदा लेने के लिए प्रक्रिया शुरू की है। अब तक करीब 1 हजार 800 से 1 हजार 850 ग्राहकों के घरों पर सोलर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बाकी ग्राहकों के आवेदन भरने का काम चल रहा है।
इस उपविभाग ग्रामीण में पिंपळगाव हरेश्वर, वरखेडी, नांद्रा, लासगाव और लोहारा, ये पांच सेक्शन आते हैं। इन पांचों सेक्शन में करीब 45 से 46 गांव हैं और वहां 18 हजार 500 घरेलू बिजली ग्राहक हैं। इनमें से 12 हजार 6 ग्राहकों ने सरकार की स्मार्ट रूफटॉप सोलर योजना का लाभ लेने के लिए पहल की है। इसलिए गांवों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ने की संभावना है।
1 किलोवॉट क्षमता के सोलर सिस्टम के लिए लाभार्थियों को अपनी श्रेणी के हिसाब से रकम भरनी होगी। बीपीएल श्रेणी के ग्राहकों को 2 हजार 500 रुपये देने होंगे। अनुसूचित जाति और जनजाति श्रेणी के ग्राहकों को 5 हजार रुपये लगेंगे। ओबीसी और सर्वसाधारण श्रेणी के ग्राहकों को 10 हजार रुपये भरने होंगे। इसके बाद ग्राहक के घर पर सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया की जाती है।
योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले 1 किलोवॉट सोलर एक्टिवेशन के लिए आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए बिजली बिल और आधार कार्ड मुख्य कागजात हैं। एक साथ करीब दस आवेदन आ जाने पर संबंधित वेंडर के जरिए सोलर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। यह प्रक्रिया करीब आठ से दस दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। सोलर सिस्टम चालू होने के बाद उसका सीधा असर बिजली बिल पर दिखता है।
खास बात यह है कि 100 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को भी सोलर का फायदा मिलेगा। सोलर से बनी और इस्तेमाल हुई बिजली के हिसाब से जो यूनिट जमा होते हैं, उनका फायदा ग्राहकों को मिलता है। महावितरण ने साफ किया है कि कम बिजली इस्तेमाल करने वाले घरेलू ग्राहकों के लिए भी यह योजना फायदेमंद रहेगी।
जिन ग्राहकों का बिजली बिल ज्यादा आता है, वे अपनी खपत के हिसाब से 1 किलोवॉट, 3 किलोवॉट या 5 किलोवॉट क्षमता का सोलर सिस्टम लगवा सकेंगे। इस तरह ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को भी अपनी जरूरत के मुताबिक सौर ऊर्जा का विकल्प मिलेगा।