नहाने के बाद कान में खुजली? रोज़ हो तो इन वजहों को हल्के में न लें
नहाने के बाद कान में खुजली आम बात है, लेकिन बार-बार हो तो वजह ढूंढना ज़रूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक कान साफ करने की गलत आदतें इन्फेक्शन तक पहुंचा सकती हैं।
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बहुत से लोगों को नहाने के बाद कान में खुजली होती है। ऐसा लगता है जैसे कान के अंदर कुछ रेंग रहा हो। ज़्यादातर लोग इसे मामूली समझकर छोड़ देते हैं। लेकिन अगर रोज़ नहाने के बाद खुजली होती है, तो यह मामूली बात नहीं है और इसके पीछे कोई वजह हो सकती है।
कई लोगों को कान में ईयरबड्स या तीली डालने की आदत होती है। इससे अंदर की चमड़ी को चोट पहुंचती है और इन्फेक्शन होने का खतरा बन जाता है।
डॉक्टर बताते हैं कि नहाने के बाद कान में खुजली होना कॉमन है, पर बार-बार हो रही हो तो वजह का पता लगाना चाहिए। कान की बाहरी नली पर तेल की एक कुदरती परत होती है, जिससे मैल बनता है। यह परत कान की हिफाज़त करती है और धूल, पानी और बाहर की गंदगी को अंदर जाने नहीं देती। लेकिन जब कान में बार-बार पानी जाता है या नमी बनी रहती है, तो यह सुरक्षा की परत खराब हो जाती है और खुजली शुरू हो जाती है।
2021 में एक मेडिकल जर्नल में इस पर एक अध्ययन हुआ था। उसमें कहा गया था कि कान की नली में पानी जमा रहने से खुजली होती है। नमी ज़्यादा देर तक रहे तो फंगल इन्फेक्शन यानी फफूंद का खतरा बढ़ जाता है। नहाते वक्त पानी जाने पर अंदर का मैल फूल जाता है। जो लोग रुई की तीली और ईयरबड्स का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनके कान का कुदरती तेल निकल जाता है और चमड़ी सूखकर खुजली होने लगती है।
डॉक्टरों का कहना है कि कान में लगातार नमी रहे तो वहां बैक्टीरिया और फफूंद पनपने लगते हैं। इससे होने वाली बीमारी को 'ओटायटिस एक्सटर्ना' कहते हैं। इसे 'स्विमर्स ईयर' भी कहा जाता है, क्योंकि तैरने वालों को यह ज़्यादा होती है। इसकी शुरुआत खुजली से ही होती है। पहले मामूली लगता है, पर बाद में कान में दर्द होने लगता है, अंदर लाली और सूजन आती है, कान से पानी निकलता है और ठीक से सुनाई भी नहीं देता।
खुजली की और भी वजहें हैं। सिर्फ पानी ही नहीं, दूसरे कारणों से भी कान में खुजली हो सकती है। एक्ज़िमा त्वचा की बीमारी है, जिसमें कान की चमड़ी में खुजली होती है, त्वचा सूखती है और जलन होती है। एलर्जी भी वजह हो सकती है, क्योंकि कभी-कभी शैम्पू, साबुन या कान में पहने गए गहनों से एलर्जी हो जाती है। कान का मैल कम होना भी एक कारण है। मैल बुरा नहीं होता, वह कान की रक्षा करता है। उसे ज़्यादा साफ करने से अंदर की त्वचा सूख जाती है और खुजली होती है। ईयरफोन का ज़्यादा इस्तेमाल भी वजह है, क्योंकि दिनभर ईयरफोन या ईयरबड्स लगाने से कान की चमड़ी घिसती है।
कान साफ करते वक्त क्या न करें, इस पर डॉक्टरों की सलाह साफ है। खुजली होते ही ज़्यादातर लोग रुई की तीली, उंगली, पेन या चाबी जैसी चीज़ कान में डाल देते हैं। ऐसा बिलकुल न करें। इससे कान की नाज़ुक चमड़ी में घाव हो जाता है, जलन और बढ़ती है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। तीली से मैल अंदर ही धकेला जाता है और फिर तकलीफ ज़्यादा होती है।
नहाने के बाद कान की देखभाल के लिए चार बातें बताई गई हैं। पहली, नहाने के बाद साफ तौलिये से कान का बाहरी हिस्सा हल्के से पोंछ लें। दूसरी, अगर लगे कि कान में पानी चला गया है तो सिर को एक तरफ झुका दें, पानी अपने आप बाहर आ जाएगा। कान को झटकें नहीं। तीसरी, कान में तीली, उंगली या कोई नुकीली चीज़ न डालें। चौथी, अगर हफ्ते में 2-3 बार खुजली होती है, दर्द होता है या कान से कुछ निकलता है, तो खुद कुछ न करें और डॉक्टर को दिखाएं।
कान के डॉक्टर की सलाह लें। कुल मिलाकर, नहाने के बाद कान में खुजली ऊपर से मामूली लगती है, पर उसे नज़रअंदाज़ किया जाए तो बड़ा इन्फेक्शन हो सकता है। इसलिए वक्त रहते ध्यान रखें।
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