मुंबई पुलिस की सलाह: OTP और PIN किसी को न बताएं, एक क्लिक में खाली हो सकता है खाता
दक्षिण सायबर पुलिस स्टेशन ने जे. जे. अस्पताल और संरक्षण मंत्रालय कक्ष में सायबर जनजागृति वर्ग लिया।
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डिजिटल लेन-देन का इस्तेमाल बढ़ रहा है और उसी के साथ सायबर फ्रॉड के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए मुंबई में नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सायबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत एक खास 'सायबर जनजागृति' वर्ग रखा गया। यह वर्ग दक्षिण सायबर पुलिस स्टेशन की तरफ से जे. जे. अस्पताल के फार्मसी विभाग और संरक्षण मंत्रालय कक्ष में हुआ।
इस कार्यक्रम में सायबर सुरक्षा के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक देसले और पुलिस कॉन्स्टेबल इम्रान मुलाणी मौजूद थे। दोनों ने हाजिर अधिकारियों और कर्मचारियों को सायबर अपराधों के अलग-अलग प्रकार, फ्रॉड के तरीके और उनसे बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों की पूरी जानकारी दी।
इन दिनों बड़े पैमाने पर चल रहे 'डिजिटल अरेस्ट' और नकली सरकारी अधिकारियों के फोन के बारे में बताते हुए साफ किया गया कि सरकारी एजेंसी या पुलिस कभी वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' करके पैसे नहीं मांगती। ऐसा कोई कॉल आए तो घबराएं नहीं और तुरंत सतर्क हो जाएं, यह अपील भी की गई।
पैसों के लेन-देन के वक्त OTP, UPI और ATM का PIN, CVV और पासवर्ड किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए, यह बात कही गई। साथ ही हाजिर लोगों को यह भी बताया गया कि पैसे पाने के लिए UPI PIN या QR कोड की जरूरत नहीं होती।
नकली शेयर इन्वेस्टमेंट, ट्रेडिंग स्कीम, पार्ट टाइम जॉब के लुभावने ऑफर, नकली लिंक और कस्टमर केयर नंबरों के जरिए होने वाले फ्रॉड के बारे में भी लोगों को आगाह किया गया। किसी अनजान आदमी के कहने पर एनी डेस्क और क्विक सपोर्ट जैसे रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें, यह सलाह भी दी गई।
एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाई गई नकली आवाज और डीपफेक वीडियो का गलत इस्तेमाल करके भी फ्रॉड हो सकता है। इसलिए सोशल मीडिया या किसी और डिजिटल माध्यम से मिली जानकारी आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई जांच लेने की अपील की गई। सोशल मीडिया अकाउंट को ज्यादा सुरक्षित रखने के लिए टू स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखने और प्राइवेसी सेटिंग्स ठीक से इस्तेमाल करने के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।
सायबर फ्रॉड हो जाए तो वक्त बर्बाद किए बिना सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील सहायक पुलिस निरीक्षक देसले ने की।