नागपुर जेल में बंदी ने कथित तौर पर वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी पर फेंका मल
नागपुर मध्यवर्ती कारागृह में बुधवार सुबह सुरक्षा राउंड के दौरान वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी वामन निमजे पर कथित तौर पर शौचालय का मल फेंका गया। एक दिन पहले भी जेल में मारपीट हुई थी।
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नागपुर मध्यवर्ती कारागृह में बुधवार सुबह अचानक हड़कंप मच गया। जेल के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी वामन निमजे नियमित सुरक्षा राउंड पर थे, तभी एक बंदी ने कथित तौर पर उन्हें निशाना बनाकर शौचालय का मल फेंक दिया। निमजे के साथ मौजूद एक कर्मचारी अधिकारी पर भी इसके छींटे पड़े। इसके बाद जेल परिसर में कुछ देर तनाव का माहौल रहा।
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह जेल के अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग बैरक और पूरे परिसर का मुआयना कर रहे थे। इसी दौरान बंदी सोनू उर्फ सुरेंद्र मनोज समुद्रे ने कथित रूप से शौचालय में मौजूद मल वामन निमजे की तरफ फेंक दिया। बताया जा रहा है कि इसके कुछ हिस्से निमजे के चेहरे और शरीर पर गिरे। साथ चल रहे कर्मचारी अधिकारी भी इसकी चपेट में आ गए।
ड्यूटी पर तैनात बाकी जेल कर्मचारी इस अचानक हुई घटना से सकते में आ गए। कुछ ही देर में कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हालात को संभाला। जेल प्रशासन ने बंदी के इस कथित कृत्य को गंभीरता से लिया है।
इससे एक दिन पहले, यानी मंगलवार सुबह, जेल के छोटी गोल विभाग में बंदियों के बीच मारपीट हुई थी। बैरक क्रमांक 7 और 8 के बीच विचाराधीन बंदी विजय रहांगडाले पर दो बंदियों ने कथित तौर पर लात-घूंसों से और प्लास्टिक की बाल्टी से हमला किया। बताया गया है कि विजय हनुमान मंदिर में दर्शन करके अपनी बैरक लौट रहा था। तभी दुर्गेश उर्फ लिटिल प्रमोद गुप्ता और अश्विन उर्फ अच्छी मुकुंद इंदुरकर ने कथित रूप से उसका रास्ता रोका और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने उसे लात-घूंसों से पीटा और बाल्टी से भी मारा।
इस हमले में विजय के सिर पर चोट आई। जेल कर्मचारी खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे और हालात काबू में किए। घायल बंदी को इलाज के लिए जेल के अस्पताल ले जाया गया।
मंगलवार को बीच-बचाव और हालात शांत कराने पहुंचे कर्मचारियों के साथ भी एक बंदी ने कथित रूप से हुज्जत की। पुलिस शिकायत के अनुसार सुरेंद्र उर्फ मोनू मनोज समुद्रे ने कर्मचारियों से बहस की। हालात समझाने और संभालने आए उपनिरीक्षक निमजे के साथ भी कथित तौर पर हुज्जत हुई और उन पर झपटने की कोशिश की जाने की बात सामने आई थी। इस घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई गई। उसके अगले ही दिन इसी बंदी पर वरिष्ठ जेल अधिकारी पर मल फेंकने का कथित आरोप सामने आया, जिससे जेल प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
लगातार दो दिनों की इन घटनाओं ने जेल की अंदरूनी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्यूटी के दौरान ही किसी बंदी का अधिकारी को निशाना बनाना जेल जैसी संवेदनशील जगह के लिए गंभीर बात मानी जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि संवेदनशील और आक्रामक बंदियों पर नजर रखने का इंतजाम काफी है या नहीं, और अधिकारियों व कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अलग से क्या किया जा रहा है। अब देखना होगा कि जेल प्रशासन आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।