नागपुर के नारायण विद्यालय में फीस बाकी होने पर चौथी की छात्रा को परीक्षा से रोका, हेडमास्टर और क्लास टीचर पर
बोखारा इलाके के नारायण विद्यालय में नौ साल की बच्ची को फीस बकाया होने की वजह से हिंदी की परीक्षा देने से रोका गया। कोराडी पुलिस ने केस दर्ज किया है।
नागपुर के बोखारा इलाके के नारायण विद्यालय में फीस बाकी होने की वजह से चौथी क्लास में पढ़ने वाली नौ साल की बच्ची को हिंदी की परीक्षा देने से रोक दिया गया। आरोप है कि जब उसके क्लासमेट परीक्षा दे रहे थे, तब उसे लाइब्रेरी में बिठा दिया गया। इस मामले में पुलिस ने स्कूल के हेडमास्टर और क्लास टीचर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
बताया गया है कि यह घटना 28 सितंबर 2026 को सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे के बीच हुई। फीस बकाया होने के कारण बच्ची को परीक्षा का हॉल टिकट नहीं दिया गया और उसे परीक्षा में बैठने की इजाज़त नहीं मिली। माता-पिता ने शिकायत में कहा है कि इससे बच्ची को मानसिक तकलीफ झेलनी पड़ी। उन्होंने बकाया फीस के नाम पर परिवार पर दबाव बनाने और धमकाने का भी आरोप लगाया है।
माता-पिता की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की रिपोर्ट पेश की। उसी के आधार पर 4 नवंबर को कोराडी पुलिस ने क्लास टीचर और हेडमास्टर के खिलाफ केस दर्ज किया। कार्रवाई बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 16, 17 और 29 के साथ बाल न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत हुई है।
इस घटना ने स्कूलों के फीस वसूलने के तरीकों और बच्चों के शिक्षा के हक पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले की आगे की जांच कोराडी पुलिस कर रही है।
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