नागपुर के सरकारी डेंटल कॉलेज में रैगिंग, शराब की बोतल फोड़कर जूनियरों से उठवाए कांच के टुकड़े
नागपुर के सरकारी डेंटल कॉलेज के हॉस्टल में सीनियर छात्रों ने दो जूनियर छात्रों को निशाना बनाया, ऐसा आरोप है। नए छात्रों का स्वागत ज्ञान से नहीं, बल्कि कथित छेड़छाड़ और बेइज्जती से हुआ। दाखिले को अभी सिर्फ 15 दिन ही हुए थे। इससे कॉलेज की रैगिंग विरोधी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, 2 नवंबर के आसपास सीनियर छात्रों ने दोनों जूनियर छात्रों को एक जगह बुलाया। वहां उनके साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें बेइज्जत किया गया। आरोप है कि उन पर जातिसूचक टिप्पणी भी की गई। इसके बाद शराब की एक खाली बोतल फोड़ी गई और उनसे कांच के टुकड़े उठाने को कहा गया। यह बात शिकायत में सामने आई है। अलग हॉस्टल की व्यवस्था होने के बावजूद जूनियर छात्रों को इस तरह परेशान किया जा रहा है, इसलिए कॉलेज के माहौल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन की भागदौड़, रैगिंग विरोधी कमेटी कर रही जांच
घटना की खबर मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग विरोधी कमेटी की बैठक ली। संबंधित छात्रों से पूछताछ शुरू हो गई है और शिकायत करने वाले छात्रों के अभिभावकों को ई-मेल से जानकारी दी गई है। अजनी पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई है। हालांकि आरोपों की सच्चाई और घटना का असल स्वरूप जांच के बाद ही साफ होगा।
दिवाली की छुट्टियों से जांच में अड़चन
घटना के बाद दिवाली की छुट्टियों की वजह से हॉस्टल के ज्यादातर छात्र घर चले गए, इसलिए बयान दर्ज करने में दिक्कत आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, अधिष्ठाता डॉ. मंगेश फडणाईक भी छुट्टी पर हैं, जिससे आगे के फैसलों पर असर पड़ा है। गुरुवार को जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी, उसके बाद कमेटी की फिर बैठक होगी।
रैगिंग के खिलाफ सख्त नियम होने पर भी छात्रों को ऐसी बेइज्जती झेलनी पड़े, तो यह सिर्फ दो छात्रों के साथ ज्यादती का मामला नहीं है, बल्कि पूरे कॉलेज की सुरक्षा पर सवाल है। अब सबकी नजर दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर है।
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