नागपुर में विसर्जन जुलूस के दौरान DJ बजाया, पुलिस ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया
गणेश विसर्जन जुलूस में DJ, बीम लाइट और लेजर बीम पर रोक के बावजूद कुछ मंडलों ने नियम तोड़े। अजनी और मानकापुर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
नागपुर : गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान DJ, बीम लाइट और लेजर बीम के इस्तेमाल पर पाबंदी थी, फिर भी कुछ मंडलों ने यह नियम तोड़ दिया। शहर के दो अलग-अलग इलाकों में DJ बजता मिला तो पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसके अलावा विसर्जन जुलूस में 75 जगहों से वाद्यों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी जांच के बाद और कार्रवाई हो सकती है।
पहला मामला अजनी पुलिस थाने की हद में आने वाले हनुमाननगर इलाके का है। शनिवार रात पुलिस को खबर मिली कि वहां DJ की आवाज चल रही है। रात करीब 11 बजे पुलिस ने कार्रवाई की और मंगेश राऊत तथा निखिल वडगावकर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
दूसरा मामला मानकापुर इलाके में सामने आया। झिंगाबाई टाकळी के गीतानगर परिसर में शनिवार शाम DJ बजता हुआ पाया गया। इसके बाद मानकापुर पुलिस ने मुकेश इंगळे के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इस बार त्योहार के दिनों में पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण पर खास ध्यान रखा है। गणेशोत्सव के साथ-साथ कई धार्मिक और सामाजिक जुलूसों में बड़ी क्षमता के साउंड सिस्टम इस्तेमाल होते हैं। लेकिन तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और लोगों की सेहत पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।
इसी को देखते हुए पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत DJ, बीम लाइट और लेजर बीम पर पाबंदी लगाई है। यह आदेश 3 सितंबर की आधी रात से 1 नवंबर की रात 11.59 बजे तक लागू रहेगा।
चार बेस और चार टॉप वाले साउंड सिस्टम को इजाजत देने की मांग भी की गई थी। इसके लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय में डेमो कराया गया। पर आवाज का स्तर 75 डेसिबल से ज्यादा निकला, इसलिए पुलिस ने यह मांग मंजूर नहीं की।
विसर्जन के दौरान पुलिस ने 75 जुलूसों के वाद्यों के सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों की जांच में अगर नियमों का उल्लंघन साबित हुआ तो संबंधित लोगों पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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