चंद्रपूर: बंगाली कैंप चौक पर रोज शाम अतिक्रमण से सड़क सिमटी, प्रशासन खामोश
चंद्रपूर के बंगाली कैंप चौक पर वाइन शॉप और बार के बाहर रोज शाम भीड़ जमा होने से 40 फुट की सड़क सिमट कर 15 फुट रह जाती है। बीजेपी नेता मनोज पॉल ने 20 से ज्यादा शिकायतें दीं, अब धरना देने की तैयारी में हैं।
चंद्रपूर शहर के बंगाली कैंप चौक पर रोज शाम एक अजीब सा तमाशा होता है। शाम छह बजे के आसपास चौक की चौड़ी सड़क अचानक सिमटने लगती है, और इसकी वजह है वहां लगातार जमा होने वाली भीड़। यह चौक मूल और बल्लारपुर तालुका को जोड़ने वाले अहम रास्ते पर पड़ता है, और यहीं पर एक वाइन शॉप और बार भी चल रहा है। सूरज ढलते ही इस दुकान के सामने लोगों की भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि 40 फुट चौड़ी सड़क सिकुड़ कर महज 15 फुट की रह जाती है।
यह चौक शहर का एक जाना-पहचाना एक्सीडेंट ब्लैकस्पॉट है, जहां पहले भी कई हादसों में लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद वाइन शॉप और बार चलाने वालों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है। रोज शाम यही लोग सड़क के एक बड़े हिस्से पर कब्जा जमा लेते हैं, जिससे गाड़ी चलाने वालों और पैदल चलने वालों, खासकर महिलाओं को निकलने में भारी दिक्कत होती है। भारी वाहन, बस, कार और बाइक, सबको इस तंग रास्ते से निकलने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि दुकान से शराब खरीदने के बाद कई लोग वहीं पास की खाली जगह पर बैठकर खुलेआम पीते हैं, और यह सब होता है चंद्रपूर मनपा के जोन नंबर 3 के दफ्तर के ठीक सामने। दफ्तर की चौखट पर बोतलें और नाश्ता लेकर बैठने वाले इन लोगों को रोकने वाला वहां कोई नहीं है।
भाजपा के जिला महामंत्री मनोज पॉल ने इस अतिक्रमण को लेकर प्रशासन को अब तक 20 से ज्यादा निवेदन दे चुके हैं। उन्होंने जिलाधिकारी, उत्पादन शुल्क विभाग, मनपा और यातायात नियंत्रण विभाग, सबसे संपर्क किया, लेकिन हर जगह से उन्हें बस "असमर्थता" जताई गई। किसी भी विभाग ने कार्रवाई करने की जिम्मेदारी नहीं ली। अब गुस्साए मनोज पॉल सीधे सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं और उन्होंने जल्द ही धरना आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वाइन शॉप और बार चलाने वाले खुलेआम प्रशासन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, और यह अब किसी से छिपा नहीं है। सवाल यह है कि प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी इन कारोबारियों पर कार्रवाई करने से डरते हैं या फिर उनके बीच कोई "समझौता" है। यह सवाल अब खुद नागरिक पूछने लगे हैं, और प्रशासन के पास इसका जवाब देने का वक्त अब आ चुका है।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।