नागपुर में NCB ने स्टील पाइपों के बीच छिपा करीब 500 किलो गांजा पकड़ा, तीन गिरफ्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मुंबई जोनल यूनिट ने ओडिशा से नागपुर आ रही खेप पकड़ी। एजेंसी के मुताबिक यह कथित अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का मामला है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट ने नागपुर में एक कथित अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ओडिशा से नागपुर लाए जा रहे स्टील पाइपों के अंदर छिपाकर रखा गया करीब 500 किलो गांजा जब्त किया गया है।
इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम आर.पी. गोल्डर, ए. सरकार और एस.ए.एस. यूसुफ उर्फ राजाभाई बताए गए हैं। NCB के मुताबिक खेप ओडिशा के संबलपुर से लाई जा रही थी और कथित तौर पर इसे इंदौर पहुंचना था।
कार्रवाई की शुरुआत एक खास सूचना से हुई। NCB को खबर मिली थी कि पश्चिम बंगाल के दो कथित तस्कर गांजे की एक बड़ी खेप लेकर नागपुर की तरफ आ रहे हैं। इसके बाद NCB की टीम ने शहर में जाल बिछाया।
रविवार तड़के नागपुर-भंडारा रूट पर हुडकेश्वर इलाके में आउटर रिंग रोड पर महादेव ढाबे के पास यह ऑपरेशन हुआ। NCB ने एक संदिग्ध कमर्शियल ट्रक को रोका और उसकी तलाशी ली।
आरोप है कि तलाशी के दौरान अफसरों को ट्रक में लदे स्टील पाइपों के बीच छिपाया गया करीब 500 किलो गांजा मिला। बताया गया है कि इस अनोखे तरीके से गांजा छिपाने का मकसद लंबे रास्ते में नशीले पदार्थ ले जाते वक्त जांच एजेंसियों की नजर से बचना था।
जांच में NCB को कथित तौर पर पता चला कि नागपुर में रहने वाला एस.ए.एस. यूसुफ उर्फ राजाभाई इस नेटवर्क की खेप रिसीव करने का जिम्मेदार था। एजेंसी का कहना है कि यूसुफ पर आरोप है कि वह पिछले चार से पांच साल से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है। उस पर पहले भी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट के तहत मामले दर्ज हो चुके हैं।
जांच करने वालों को शक है कि तस्करों ने पकड़े जाने से बचने के लिए जानबूझकर लंबे और बदलते रास्ते अपनाए।
मामला हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है, लेकिन जांच NCB खुद कर रही है।
अब एजेंसी ने जांच तेज कर दी है। उसकी कोशिश नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े बाकी सदस्यों, फाइनेंसरों, ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय साथियों की पहचान करने की है। खेप कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचनी थी, इसका पता लगाने के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापे भी मारे जा रहे हैं।
इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की जब्ती से साफ होता है कि अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क राज्यों की सीमाओं के पार नशीला माल पहुंचाने के लिए कमर्शियल ट्रांसपोर्ट और छिपे हुए खानों या सामान का इस्तेमाल करते हैं।
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