मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:41 IST
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नागपुर में भी गांजे की बिक्री करता था 'राजाभाई'

सालों से चल रहा था अंतराज्यीय रैकेट, एनसीबी की कार्रवाई से हुआ खुलासा नागपुर.

नागपुर में भी गांजे की बिक्री करता था 'राजाभाई'
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा पकड़ा गया गांजा तस्करों का अंतराज्यीय रैकेट सालों से नागपुर में भी सक्रिय था. वह नागपुर में खांजे की बिक्री करता था. इसके बाद मुंबई अथवा दूसरे शहरों में गांजा पहुंचाया जाता था. आरंभिक जांच में यह चौकानेवाली जानकारी सामने आने का पता चला है.

एनसीबी की मुंबई जोनल यूनिट ने 4 अक्तूबर को नागपुर-भंडारा मार्ग पर हुड़केश्वर थाने के तहत आउटर रिंग रोड के पास ट्रक क्रमांक डब्ल्यूबी/23/डी/8398 को रोककर 500 किलो गांजा बरामद किया था. इंदौर ले जाए जा रहे स्टील पाइपों के बीच गांजे के पैकेट छूपाकर रखे गए थे.

इस कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के तस्करों आर.पी. गोलदार और ए. सरकार के साथ नागपुर में इस खेप को रिसीव करने वाले मुख्य आरोपी एस.ए.एस. युसूफ उर्फ राजाभाई को भी गिरफ्तार किया गया था. राजाभाई की लिप्तता से ही नागपुर पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे है.

राजाभाई करीब पांच साल से ड्रग्स तस्करी में लिप्त है. उसके खिलाफ मामले भी दर्ज है. पुलिस की निगरानी में होने के बावजूद वह नागपुर से ही इतना बड़ा रैकेट चला रहा था. यह बात पुलिस के 'ड्रग्स फ्री सिटी' के मूहिम की पोल खोल रही है. यह रैकेट नागपुर का इस्तेमाल केवल आवाजाही के लिए नहीं किया जाता था अपितु हर खेप में सौ से डेढ़ सौ किलो गांजा शहर में ही उतारा जाता था. ट्रक को हुड़केश्वर अथवा दूसरे भरोसेमंद थाना परिसर में रोका जाता था. वहां सौदे के अनुसार गांजे के पाकिट निकालकर ट्रक को आगे रवाना किया जाता था. नागपुर में गांजे की बिक्री करने के बाद खेप को मुंबई अथवा दूसरे शहर पहुंचाया जाता था. हर खेप में चार सौ से पांच सौ किलो गांजा होता था. पुराना खिलाड़ी होने से राजाभाई ने 'सिस्टम' को अपने पक्ष में किया हुआ था. इसीलिए एक मर्तबा भी पुलिस ने राजाभाई अथवा उसके रैकेट की सच्चाई पता करने का प्रयास नहीं किया.

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