नागपुर में हेडगेवार फ्लायओवर शुरू, अब इंदोरा से दिघोरी सिर्फ 10 मिनट में
केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लायओवर का उद्घाटन किया, जो अब तक शहर का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है।
नागपुर में एक नया फ्लायओवर शुरू हो गया है और इसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। केंद्रीय रोड ट्रांसपोर्ट मंत्री नितीन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मिलकर इस पुल का उद्घाटन किया। यह पुल अल्ट्रा हाई परफॉर्मन्स फायबर रीइन्फोर्स्ड कांक्रीट यानी UHPFRC टेक्नोलॉजी से बना है और इको फ्रेंडली भी है।
इंदोरा चौक से दिघोरी तक बना यह फ्लायओवर नेशनल हाईवे नंबर 353D पर है और इसकी लंबाई करीब 8.9 किलोमीटर है। यह पुल नागपुर के उत्तर और दक्षिण हिस्से को आपस में जोड़ता है। नागपुर शहर में अब तक बना यह सबसे लंबा और सबसे महंगा एलिवेटेड कॉरिडोर है। इस पुल के बनने से जो सफर पहले एक घंटे का लगता था, वह अब सिर्फ 10 मिनट में पूरा हो जाएगा।
नागपुर के सुरेश भट्ट सभागृह में हुए एक कार्यक्रम में गडकरी ने इस फ्लायओवर की खासियतें बताईं। उन्होंने कहा कि UHPFRC टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की वजह से दो खंभों के बीच बड़ा स्पैन बनाना मुश्किल था, इसलिए स्ट्रक्चरल सेगमेंट की सिर्फ एक जोड़ी का इस्तेमाल किया गया। इससे जरूरी सपोर्ट की संख्या कम हो गई और पुल का काम तेजी से पूरा हो सका।
गडकरी ने बताया कि पहले इंदोरा से दिघोरी सड़क मार्ग से जाने में करीब एक घंटा लगता था, लेकिन अब इस नए फ्लायओवर की वजह से सिर्फ 10 से 15 मिनट में यह दूरी तय हो जाएगी। इस फ्लायओवर को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बनाया है और इस पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
पुल का डिजाइन भी खास है। यह अशोक स्क्वॉयर पर पांच दिशाओं को जोड़ता है और पुल के जंक्शन पर एक अशोक स्तंभ भी बनाया गया है। साथ ही यहां संविधान की थीम पर पेंटिंग और आकर्षक लाइटिंग भी की गई है। गडकरी ने साफ किया कि इस फ्लायओवर कॉरिडोर की वजह से मौजूदा सड़कों के नाम नहीं बदले गए हैं। उनके मुताबिक यह एक मल्टी-लेयर्ड स्ट्रक्चर है, चाहे तीन लेयर हो या चार लेयर, इसी वजह से नागपुर की एक अलग पहचान बनी है।
इंदोरा चौक से पंचपाओली चौक तक के रास्ते का नाम डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग ही रहेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। सिर्फ फ्लायओवर का नाम डॉ. हेडगेवार फ्लायओवर रखा गया है। अशोक चौक का नाम भी अशोक चौक ही रहेगा, हालांकि इस चौक का नवीनीकरण किया गया है। वहीं रेशमबाग चौक का नाम जनरल मंचरशा अवारी चौक ही बना रहेगा, यह बात गडकरी ने साफ तौर पर बताई।
डागा हॉस्पिटल, रेशमबाग चौक और बड़ा ताजबाग में तीन जगहों पर रैंप भी बनाए गए हैं। इससे गांधीबाग और पंचपाओली जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में ट्रैफिक जाम कम होने में मदद मिलेगी। अग्रसेन चौक पर मेट्रो कॉरिडोर के ऊपर एक एलिवेटेड पैसेज भी बनाया गया है, जिससे मल्टी लेन ट्रैफिक की आवाजाही आसान होगी। यह वैसी ही व्यवस्था है जैसी नागपुर शहर में वर्धा रोड और कामठी रोड पर पहले से मौजूद है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना को 100 साल पूरे हुए हैं, इसी मौके पर इस फ्लायओवर को संघ के संस्थापक और पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का नाम दिया गया है। फडणवीस ने यह भी कहा कि शहर में पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिससे आने वाले समय में नागपुर की गिनती अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड वाले शहरों में होगी। उन्होंने बताया कि नागपुर के चारों तरफ 148 किलोमीटर लंबा गोल्डन आर्क रिंग रोड बनाया जा रहा है, जिससे शहर का विस्तार होगा। फिलहाल नागपुर में 35 फ्लायओवर हैं और आगे 15 और फ्लायओवर बनाने का प्रस्ताव है। फडणवीस के मुताबिक इन इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं से नागपुर का विकास और तेज गति से होगा।
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