नागपुर में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया, थीम रही निरोगी भविष्य
नागपुर में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के अधिकारियों और डॉक्टरों ने आयुर्वेद के भविष्य पर बात की।
भारत में और दुनियाभर में आज 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया। इस मौके पर नागपुर में एक बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम रखा गया था। इस साल आयुर्वेद दिवस की थीम रखी गई थी 'निरोगी भविष्य के लिए आयुर्वेद'।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़कर सुनाया गया। संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद का परंपरा से ज्ञान, वैज्ञानिक सबूत और नए इनोवेशन तक का जो सफर रहा है, वह आने वाली पीढ़ियों की सेहत और भलाई सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया। इस मौके पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और केंद्रीय आयुर्विज्ञान संशोधन परिषद के महासंचालक प्रो. वैद्य रबिनारायण आचार्य समेत अलग-अलग क्षेत्रों के कई जाने-माने लोग मौजूद रहे।
प्रतापराव जाधव ने कहा कि सेहत का पहला केंद्र अस्पताल नहीं, बल्कि अपना घर होता है। उन्होंने प्रिवेंटिव हेल्थ केयर यानी बीमारी से पहले बचाव और हेल्दी लाइफस्टाइल को पूरे देश में एक जन आंदोलन बनाने की अपील की।
इस कार्यक्रम में 'आयुष विजन 2030', आयुष सेवा क्षेत्र पर एक रिपोर्ट, आयुर्वेद से जुड़ी रिसर्च रिपोर्ट और सीसीआरएएस-अग्नी वेब पोर्टल को भी लॉन्च किया गया। इसके अलावा गोक्षुरा और चंद्रासुरा नाम की चीजों पर सेफ्टी डॉक्यूमेंट और त्वचा रोगों के इलाज को लेकर मानक गाइडलाइंस भी जारी की गईं।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आयुर्वेद का भविष्य वैज्ञानिक सबूत, रिसर्च, इनोवेशन, क्वालिटी, सेफ्टी और स्टैंडर्डाइजेशन से जुड़ा हुआ है। नागपुर में हुए इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर से आयुर्वेद डॉक्टर, रिसर्चर, वैज्ञानिक और शिक्षा जगत से जुड़े लोग शामिल हुए।