नागपुर में 11 अक्टूबर को सुबह 'ब्रह्मनाद' संगीत सभा, काष्ठशिल्प प्रदर्शन भी शुरू होगा
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर रविवार को विदुषी नंदिनी बेडेकर का गायन कराएगा और उसी दिन काष्ठशिल्प प्रदर्शन-विक्रीकी शुरुआत होगी।
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दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर की ओर से रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 6.30 बजे 'ब्रह्मनाद' नाम की सुबह की संगीत सभा रखी गई है। यह कार्यक्रम केंद्र के परिसर में होगा। इसमें हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका विदुषी नंदिनी नरेंद्र बेडेकर का खास गायन सुनने को मिलेगा। नागपुर के कला प्रेमियों के आग्रह पर इस संगीत सभा का दोबारा आयोजन किया जा रहा है, और कार्यक्रम सबके लिए मुफ्त है।
विदुषी नंदिनी बेडेकर गानसरस्वती किशोरी आमोणकर की वरिष्ठ शिष्याओं में से एक हैं। उन्होंने करीब 35 साल अपने गुरु के मार्गदर्शन में जयपुर-अत्रौली घराने की शास्त्रीय संगीत की तालीम ली है। देश और विदेश के कई जाने-माने संगीत महोत्सवों में वे गा चुकी हैं और संगीत की शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान है। 'ब्रह्मनाद' के जरिए श्रोताओं को सुबह के खुशनुमा माहौल में अभिजात शास्त्रीय संगीत का आनंद लेने का मौका मिलेगा।
इसी के साथ केंद्र के परिसर में 11 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक काष्ठशिल्प प्रदर्शन और बिक्री का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शन केंद्र की पुरानी प्रशासकीय इमारत में लगेगा। ब्रह्मनाद कार्यक्रम के बाद विदुषी नंदिनी बेडेकर और रिटायर्ड वरिष्ठ आईआरएएस अधिकारी अजित सक्सेना के हाथों इसका उद्घाटन होगा।
कुछ समय पहले आए भीषण तूफान में केंद्र परिसर के कई पेड़ उखड़कर गिर गए थे। इन पेड़ों की लकड़ी का रचनात्मक इस्तेमाल करने के लिए छत्तीसगढ़ के आदिवासी काष्ठशिल्प कलाकारों को बुलाया गया था। इन कलाकारों ने गिरे हुए पेड़ों की लकड़ी से तरह-तरह की आकर्षक कलाकृतियां बनाई हैं। इस प्रदर्शन में पर्यावरण संवर्धन, पुनर्वापर और आदिवासी कला-कौशल का सुंदर मेल देखने को मिलेगा। सारी कलाकृतियां बिक्री के लिए भी उपलब्ध रहेंगी।
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की संचालिका आस्था कार्लेकर ने कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे संगीत सभा और काष्ठशिल्प प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचें।