बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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18:47 IST

नागपुर मेडिकल के 11 वार्ड नए रूप में, हर वार्ड में 13 बेड बढ़े

नागपुर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल में 11 वार्डों का नवीनीकरण पूरा हुआ है। इन वार्डों में बेड क्षमता लगभग 52 प्रतिशत बढ़ी है।

नागपुर मेडिकल के 11 वार्ड नए रूप में, हर वार्ड में 13 बेड बढ़े तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल (मेडिकल) में मरीजों की सुविधा बढ़ाने के लिए कई विकास कार्य चल रहे हैं। इसी सिलसिले में अस्पताल के वार्डों का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण हो रहा है, और अब तक 11 वार्डों का काम पूरा हो चुका है।

मरम्मत के बाद इन वार्डों की सूरत पूरी तरह बदल गई है। मरीजों को पहले के मुकाबले बेहतर माहौल मिल रहा है। वार्डों के साथ बरामदों में भी मार्बल लगाया गया है, जबकि पुराने और खराब शौचालयों की मरम्मत करके उन्हें बेहतर किया गया है।

गर्मी से राहत देने के लिए एक वार्ड में 4 से 5 कूलर लगाए गए हैं, और सभी वार्डों में पंखों की व्यवस्था है। बिजली की पुरानी फिटिंग हटाकर नई इलेक्ट्रिकल फिटिंग की गई है। इससे वार्डों में रोशनी और बिजली की व्यवस्था पहले से ज्यादा सुव्यवस्थित हुई है।

नवीनीकरण के साथ बेड क्षमता भी बढ़ाई गई है। पहले एक वार्ड में करीब 25 बेड रखे जाते थे, अब वहां 38 बेड हैं। यानी हर वार्ड में 13 बेड बढ़े हैं, जो लगभग 52 प्रतिशत ज्यादा क्षमता है।

11 वार्डों का हिसाब लगाएं तो पहले करीब 275 बेड थे और अब क्षमता लगभग 418 बेड तक पहुंच गई है। इन 11 वार्डों में करीब 143 अतिरिक्त बेड मिले हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मानकों के मुताबिक वार्डों में मरीजों की सुविधा, पर्याप्त दूरी, स्वच्छता और जरूरी सहायक सुविधाओं पर जोर दिया जाता है।

फर्श और बरामदों में मार्बल, बेहतर शौचालय, नई बिजली फिटिंग और पर्याप्त हवा-रोशनी की व्यवस्था से मरीजों को साफ-सुथरा माहौल मिल रहा है। पहले टूटे-फूटे शौचालयों और गंदगी की वजह से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होती थी। अब इन दिक्कतों में काफी कमी आई है।

अस्पताल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यहां हर दिन औसतन 90 से 120 मरीज भर्ती होते हैं।

मेडिकल के अधिष्ठाता डॉ. राज गजभिये ने कहा कि विकास कार्यों के बाद मेडिकल की सूरत बदल रही है और मरीजों को बेहतर सुविधा मिल रही है। उनके मुताबिक भविष्य में ऑटोनॉमस होने से सुविधाओं में और इजाफा होगा। डॉ. गजभिये ने बताया कि गंदगी और बदबू भरे माहौल से मरीजों, परिजनों और डॉक्टरों को भी राहत मिली है, दवाइयों की कमी नहीं है और मरीजों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले, इसके लिए प्रयास जारी हैं।

कुल मिलाकर इन 11 वार्डों में मार्बल, मरम्मत किए गए शौचालय, कूलर और पंखे, नई बिजली फिटिंग और बढ़े हुए बेड, ये सारे बदलाव हो चुके हैं।

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