नागपुर मंडल में लोको पायलटों का प्रदर्शन, अतिरिक्त जिम्मेदारियों पर जताई नाराजगी
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के नेतृत्व में नागपुर मंडल की कई लॉबियों में बुधवार को लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों ने प्रदर्शन किया।
नागपुर मंडल की अलग-अलग लॉबियों में बुधवार को लोको पायलट और सहायक लोको पायलट सड़क पर उतरे। उन्होंने अपने ऊपर डाली जा रही अतिरिक्त जिम्मेदारियों का जोरदार विरोध किया। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (एआईएलआरएसए) की अगुवाई में हुआ।
रनिंग स्टाफ का कहना है कि उनका असली काम ट्रेनों को सुरक्षित चलाना है। सुरक्षा उपकरणों का शारीरिक बोझ उठाना और कुली की तरह सामान ढोना उन्हें मंजूर नहीं होगा।
प्रदर्शन में रनिंग स्टाफ ने रेलवे बोर्ड के ट्रैफिक डायरेक्टर की तरफ से 23 सितंबर को जारी एक पत्र का भी विरोध किया। इस पत्र में लिखा है कि जो गाड़ी ट्रेन मैनेजर के बिना चलेगी, उसमें टेल लैम्प की जिम्मेदारी लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को दी जाएगी।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने साफ किया कि उन्हें एफएसडी (फॉग सेफ डिवाइस), डेटोनेटर और दूसरे सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल से कोई एतराज नहीं है। उनकी आपत्ति इस बात पर है कि इन उपकरणों को लॉबी से इंजन तक ढोना पड़ता है और उनका वजन उठाना पड़ता है।
एसोसिएशन ने मांग रखी कि ये उपकरण इंजन में ही रखे जाएं। अगर ऐसा नहीं हो सकता, तो रेल प्रशासन इन्हें लोको तक पहुंचाने और चढ़ाने-उतारने का कोई दूसरा इंतजाम करे।
रनिंग स्टाफ का कहना है कि वह पहले से ही कर्मचारियों की कमी, कम आराम, ज्यादा काम और बेतरतीब ड्यूटी टाइम के दबाव में काम कर रहा है। ऐसे में उन पर और शारीरिक जिम्मेदारी डालना ठीक नहीं है।
एसोसिएशन ने टेल लैम्प वाला आदेश वापस लेने की मांग की। साथ ही एफएसडी और डेटोनेटर का इंतजाम प्रशासन खुद करे, यह भी मांग रखी गई। चेतावनी दी गई कि अगर इन मांगों पर जल्दी फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोको पायलट, सीनियर लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट शामिल हुए। सीआरएमएस, जेआरकेयू, एमआरकेएस, आरकेएस और एनआरएमयू ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।