सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 319 | Very Poor 06:54 IST

नागपुर मंडल में गोंदिया-काचेवानी के समपार फाटक 515 पर 48 मीटर का बो-स्ट्रिंग गर्डर लगा

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने गोंदिया-काचेवानी रेलखंड के समपार फाटक संख्या 515 पर 48 मीटर लंबे बो-स्ट्रिंग गर्डर की लॉन्चिंग पूरी की।

नागपुर मंडल में गोंदिया-काचेवानी के समपार फाटक 515 पर 48 मीटर का बो-स्ट्रिंग गर्डर लगा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर, 25 अक्टूबर 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने रेल संरक्षा, आधुनिक अवसंरचना और यात्री सुविधाओं के मामले में एक अहम काम पूरा किया है। गोंदिया-काचेवानी रेलखंड में समपार फाटक संख्या 515 पर 48 मीटर लंबे बो-स्ट्रिंग गर्डर की लॉन्चिंग कामयाबी से हो गई।

इसी के साथ मंडल में ट्रैक नवीनीकरण, टर्नआउट अनुरक्षण, मशीन आधारित टैंपिंग और स्लीपर नवीनीकरण जैसे कई जरूरी काम भी निपटाए गए।

ये सारे काम दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के मार्गदर्शन में हुए। नागपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता ने इनकी अगुवाई की और वरिष्ठ मंडल इंजीनियर श्री गौरव गजरानी की देखरेख में काम आगे बढ़ा। संबंधित विभागों के अधिकारी, इंजीनियर, पर्यवेक्षक और कर्मचारी मिलकर इसमें जुटे रहे।

इस पूरे काम की सबसे बड़ी बात गोंदिया-काचेवानी रेलखंड के फाटक संख्या 515 पर गर्डर की लॉन्चिंग रही। यह इंजीनियरिंग का भारी काम सोची-समझी कार्ययोजना, तकनीकी महारत और अलग-अलग विभागों के आपसी तालमेल से पूरा हुआ। गर्डर लगने से संबंधित ढांचे को मजबूती मिलेगी। साथ ही समपार वाले इलाके में सड़क से गुजरने वालों की सुविधा और सुरक्षित आवाजाही के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी। ऐसे काम रेलवे के आधुनिकीकरण और इलाके की यातायात की जरूरतें पूरी करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

रेल पथ की गुणवत्ता, स्थिरता और भरोसेमंद हालत बनाए रखने के लिए नागपुर मंडल में कई ट्रैक और टर्नआउट अनुरक्षण के काम भी हुए। इनमें तीन TWS, पांच WCMS और एक TWSEJ का नवीनीकरण किया गया। इन कामों से ट्रैक के ढांचे और पॉइंट व क्रॉसिंग से जुड़े उपकरणों की देखभाल में मदद मिलती है, जिससे रेल परिचालन भरोसेमंद बना रहता है।

मंडल में नई मशीनों से भी अनुरक्षण के कामों ने रफ्तार पकड़ी। PCTM मशीन से एक पॉइंट की टैंपिंग की गई। इसके अलावा तीन किलोमीटर रेल पथ की मशीन से टैंपिंग हुई और TRT मशीन की मदद से 315 मीटर रेल पथ पर स्लीपर नवीनीकरण का काम पूरा हुआ। इनसे ट्रैक की ज्यामिति, स्थिरता और अनुरक्षण की गुणवत्ता बेहतर होती है। मशीनों से होने वाले ऐसे काम तय तकनीकी मानकों के हिसाब से रेल पथ को बनाए रखने और सुरक्षित व सुचारु रेल परिचालन पक्का करने में अहम हैं।

बो-स्ट्रिंग गर्डर की लॉन्चिंग, ट्रैक और टर्नआउट नवीनीकरण और मशीनों से हुआ अनुरक्षण नागपुर मंडल की तकनीकी क्षमता, कार्यकुशलता और संरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का नागपुर मंडल रेल संरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए आधुनिक तकनीक, बेहतर इंजीनियरिंग प्रबंधन और तय सुरक्षा मानकों के मुताबिक रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने में लगातार जुटा है। इन कामों की कामयाबी अधिकारियों, इंजीनियरों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों की टीम भावना, लगन और मिलजुलकर काम करने का नतीजा है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे