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09:56 IST

नागपुर के एमपी बस स्टैंड से अवैध यात्री परिवहन

डिपो मैनेजर, बस मालक-चालक और दलालों पर मामला दर्ज, सालों से चल रहा था रैकेट

नागपुर के एमपी बस स्टैंड से अवैध यात्री परिवहन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर.

टेकड़ी रोड स्थित एमपी बस स्टैंड से बिना अनुमति निजी बसों द्वारा यात्रियों को ले जाने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में सीताबर्डी पुलिस ने एमपी बस स्टैंड के डिपो मैनेजर रफीक भाई सहित बिना अनुमति यात्रियों को ले जाने वाले बस मालिकों, चालकों और निजी एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में यात्रियों को गुमराह करके उनसे अधिक पैसे वसूलने और सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में नागपुर के बस परिवहन कल्याण महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र लक्ष्मीकांत दुबे (उम्र 55 वर्ष) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनकी शिकायत के अनुसार, महासंघ में कुल 15 सदस्य हैं। यह संगठन नागपुर शहर में निजी बसों, ट्रैवल्स और यात्री परिवहन से जुड़े लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए काम करता है।

शिकायत में बताया गया है कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने वाली अनुमति प्राप्त बसों को एमपी बस स्टैंड से यात्रियों को ले जाने और लाने की अनुमति है। इस स्थान से प्रतिदिन लगभग 70 बसें यात्रियों का परिवहन करती हैं। हालांकि, शिकायतकर्ता को जानकारी मिली थी कि पिछले एक साल से मध्य प्रदेश के कुछ बस स्टैंडों से बिना अनुमति वाली बसें नागपुर आ रही हैं। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एमपी बस स्टैंड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि एमपी 22 पी 2965, एमपी 07 पी 2286, एमपी 28 पी 4786, एमपी 28 जेडडी 7319, एमपी 28 जेडडी 9936, एमपी 18 जेडएडी 4977, एमपी 52 जेडए 3699 और एमपी 39 पी 2111 नंबर की बसों सहित कुछ अन्य बसें भी बिना अनुमति यात्रियों को ले जाने का काम कर रही थीं।

कर्मचारियों को धमकाने का आरोप

शिकायत के अनुसार, संबंधित बस चालक एमपी बस स्टैंड की जगह का इस्तेमाल करके परिसर में प्रवेश करते थे और वहां से यात्रियों को लेकर जाते थे। आरोप है कि इस गतिविधि का विरोध करने पर बस स्टैंड के कर्मचारियों को धमकाया जाता था। शिकायत में कहा गया है कि इससे आधिकारिक अनुमति प्राप्त बस सेवाओं के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। एमपी बस स्टैंड के डिपो मैनेजर रफीक भाई पर भी आरोप लगाया गया है कि वे बिना अनुमति वाली बसों को बस स्टैंड में प्रवेश करने और वहां से यात्रियों को ले जाने की अनुमति दे रहे थे। इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कुछ निजी एजेंट यात्रियों को गुमराह करके उन्हें बिना अनुमति वाली बसों में बैठाते हैं और उनसे यात्रा का किराया वसूलते हैं। शिकायत में कहा गया है कि इस गतिविधि के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और यात्रियों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने बिना अनुमति यात्री परिवहन करने वाले बस चालकों, संबंधित बस मालिकों, डिपो मैनेजर और निजी एजेंटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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