नए निर्देशकों के साथ आयुष्मान खुराना की सातवीं फिल्म 'उडता तीर', 9 अक्टूबर को रिलीज
आयुष्मान खुराना 'उडता तीर' के साथ नए या हिंदी सिनेमा में पदार्पण करने वाले निर्देशकों के साथ अपनी सात फिल्मों का सिलसिला पूरा कर रहे हैं।
अभिनेता आयुष्मान खुराना पिछले दस साल से ज्यादा वक्त से अपने हटके किरदारों और लीक से हटकर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। अलग विषय और दमदार किरदार चुनने के साथ-साथ वे नए और उभरते निर्देशकों को मौका देने पर भी जोर देते रहे हैं। अब 'उडता तीर' के जरिए वे ऐसे निर्देशकों के साथ अपनी सात फिल्मों का सफर पूरा करने जा रहे हैं, जो पहली बार निर्देशन कर रहे थे या हिंदी सिनेमा में पदार्पण कर रहे थे।
इस सफर में 'दम लगा के हईशा' के शरत कटारिया, 'शुभ मंगल सावधान' के आर. एस. प्रसन्ना और 'ड्रीम गर्ल' के राज शांडिल्य शामिल हैं। इनके अलावा 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' में हितेश केवल्या, 'डॉक्टर जी' में अनुभूति कश्यप और 'एन एक्शन हीरो' में अनिरुद्ध अय्यर के साथ उन्होंने काम किया। सातवें नाम के तौर पर 'उडता तीर' में आकाश ए. कौशिक जुड़े हैं।
इन फिल्मों को कारोबार के लिहाज से अलग-अलग प्रतिक्रिया मिली, लेकिन आयुष्मान की पसंद में एक बात साझा दिखती है। नए विचार, हटके विषय और साफ क्रिएटिव विजन वाले निर्देशकों को वे लगातार सपोर्ट करते नजर आते हैं।
इस बारे में आयुष्मान खुराना ने कहा, "मेरे लिए स्क्रिप्ट हमेशा सबसे पहले आती है। कोई फिल्ममेकर अपनी पहली फिल्म निर्देशित कर रहा है या दसवीं, इस पर मैं ध्यान नहीं देता। मेरे लिए अहम यह है कि उसके पास मुझे उत्साहित करने वाली कहानी और विजन है या नहीं।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरे करियर के कुछ सबसे यादगार अनुभव नई आवाजों के साथ काम करते हुए आए हैं। वे अपने साथ अलग भूख, फ्रेशनेस और जाने-पहचाने विषयों को अलग नजरिए से देखने की हिम्मत लेकर आते हैं।" आयुष्मान ने यह भी बताया कि अगर किसी कहानी के पीछे का कन्विक्शन मजबूत हो, तो उस कहानी का साथ देना चाहिए, यह उनका विश्वास है।
'उडता तीर' लेखक आकाश ए. कौशिक की फीचर निर्देशन में पहली फिल्म है। इस देशभक्ति पर आधारित कॉमेडी का लेखन और निर्देशन दोनों आकाश कौशिक ने ही किया है। फिल्म में आयुष्मान बिलाल अहमद नाम के पाकिस्तानी जासूस बने हैं, जो याददाश्त जाने के बाद खुद को भारतीय समझने लगता है। इस तरह फिल्म में स्पाई थ्रिलर और कॉमेडी का अलग मेल देखने को मिलेगा।
ट्रेलर लॉन्च के वक्त आयुष्मान ने इस फिल्म को "पैट्रियॉटिक कॉमेडी" बताया था। स्क्रिप्ट की जरूरत के हिसाब से काम करना पसंद है, यह कहते हुए उन्होंने खुद को "डायरेक्टर का बेबी" भी कहा था।
'उडता तीर' में काम करने के बारे में आयुष्मान बोले, "हर नया निर्देशक सेट पर अलग एनर्जी लेकर आता है। 'उडता तीर' में मुझे सिर्फ इसका जॉनर नहीं खींच रहा था, आकाश ने जो दुनिया रची है, वह भी मुझे अपनी ओर खींच रही थी।" उन्होंने कहा कि एक साथ अराजक, मजेदार, भावनात्मक और बड़े विचार से जुड़ी स्क्रिप्ट मिलना दुर्लभ बात है। इसलिए आकाश के विजन के आगे खुद को पूरी तरह समर्पित कर किरदार को अनपेक्षित दिशा में ले जाने का मौका उन्हें अहम लगा।
आयुष्मान की फिल्मोग्राफी देखें तो उन्होंने लगातार ऐसे विषय चुने हैं, जिन पर चर्चा होती है। बॉडी इमेज, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, LGBTQ+ प्रेम, पारंपरिक दायरे से बाहर के रिश्ते और आम आदमी पर पड़ने वाला सामाजिक दबाव जैसे विषयों को उन्होंने मनोरंजक ढंग से पर्दे पर रखा है। इसलिए नए निर्देशकों के साथ काम करना उनके लिए सिर्फ प्रयोग नहीं, बल्कि उनकी क्रिएटिव सोच का हिस्सा दिखता है।
'उडता तीर' 9 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। 'दम लगा के हईशा' से 'उडता तीर' तक आयुष्मान की यह सात फिल्मों की यात्रा सिर्फ नए निर्देशकों के साथ काम की सूची नहीं है। यह नई कहानियों और अलग नजरिए पर भरोसा करने के उनके रुख की मिसाल भी बनती है।