मूल में 'भाऊ का गरबा' की धूम, सुधीर मुनगंटीवार ने दिया नारी सम्मान का संदेश
मूल में नवरात्रि पर आयोजित 'भाऊ का गरबा' दांडिया उत्सव में विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने नारी सम्मान और लड़कियों की सुरक्षा का संकल्प लेने की अपील की।
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नवरात्रि का उत्साह, गरबे की थाप पर थिरकते कदम और संस्कृति के रंगों में रंगा माहौल। ऐसे ही खुशनुमा माहौल में मूल में 'भाऊ का गरबा' दांडिया उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसका आयोजन स्व. चांगुणाबाई सच्चिदानंद मुनगंटीवार सेवा समिति की तरफ से किया गया था।
कार्यक्रम में विधायक सुधीर मुनगंटीवार मौजूद रहे। उन्होंने मशहूर अभिनेत्री प्रार्थना बेहेरे का बाघों की धरती पर आने पर मूल के निवासियों की ओर से स्वागत किया। नवरात्रि के पावन पर्व पर उन्होंने मूल के निवासियों को शुभकामनाएं दीं और इस सुंदर कार्यक्रम का बढ़िया आयोजन करने वाले आयोजकों को बधाई भी दी।
मुनगंटीवार ने कहा कि मूल के निवासियों के चेहरे की हंसी और उनके मन का संतोष देखकर उन्हें खुशी होती है। उन्होंने अपील की कि नवरात्रि के बहाने नारीशक्ति के सम्मान का और हर लड़की को सुरक्षित माहौल देने का संकल्प लिया जाए।
उन्होंने कहा कि मूल महान पूर्व मुख्यमंत्री माननीय साहब कन्नमवार की भूमि है। इस भूमि को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत मिली है। भारत-चीन युद्ध के समय देश के लिए सोना दान करने वाले जिलों में चंद्रपुर जिले का योगदान गर्व की बात है। देश के प्रति समर्पण, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान इस भूमि की पहचान है, ऐसा उन्होंने बताया।
मुनगंटीवार के मुताबिक नवरात्रि सिर्फ धार्मिक त्योहार नहीं है। यह शक्ति की उपासना के साथ नारीशक्ति का सम्मान करने की प्रेरणा देने वाला पवित्र पर्व है। महिला के सम्मान से ही परिवार, समाज और देश की तरक्की होती है, इसलिए इस नवरात्रि में हर किसी को नारी सम्मान का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नारीशक्ति समाज की तरक्की का मजबूत आधार है। महिलाओं को सम्मान और बराबर मौके देना वक्त की जरूरत है। स्त्री का सम्मान सिर्फ बातों तक सीमित न रहे, वह हमारे काम में भी दिखना चाहिए, ऐसी अपील उन्होंने की।
'भाऊ का गरबा' उत्सव से मूल की सांस्कृतिक परंपरा को नई चमक मिली। गरबे का जोश, नवरात्रि की खुशी और नारीशक्ति के सम्मान का संदेश, इन तीनों का सुंदर संगम इस कार्यक्रम में देखने को मिला।
अभिनेत्री प्रार्थना बेहेरे ने कहा कि मूल आने का और सबसे मिलने का मौका देने के लिए वे सुधीरभाऊ का आभार मानती हैं। मूल आना उनके लिए पहली बार है। भाऊ के घर जाने पर उन्होंने बहुत प्यार और अपनेपन से उनका स्वागत किया। उन्होंने बताया कि सुधीरभाऊ को कई विषयों की गहरी जानकारी है और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
प्रार्थना बेहेरे ने यह भी कहा कि आज के दौर में लड़कियों को बेखौफ घर से बाहर निकलकर पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों की तरफ बढ़ना चाहिए। लड़कियों की सुरक्षा पक्की करना किसी एक आदमी की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। लड़कियों को सुरक्षित माहौल देना और उनके मन में आत्मविश्वास जगाना समाज में हर किसी का फर्ज है, यह राय उन्होंने रखी।
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