मौसम बदलेगा: 18 अक्टूबर से महाराष्ट्र में बारिश की संभावना, कोकण में आंधी के साथ पानी
दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से पूरी तरह लौट चुका है, फिर भी बारिश का खतरा बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन सकने वाले सिस्टम का असर कई राज्यों पर दिख सकता है।
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दक्षिण-पश्चिम मानसून भले ही देश से पूरी तरह लौट चुका है, लेकिन बारिश का खतरा अब भी टला नहीं है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में संभावित मौसमी बदलावों की वजह से देश के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई जा रही है।
महाराष्ट्र के मौसम में भी बदलाव के संकेत हैं। कोकण के तटीय इलाकों, घाटमाथा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश का जोर बढ़ सकता है। दूसरी तरफ मुंबई और ठाणे में गर्म और उमस भरे मौसम से लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में लोगों के लिए मौसम विभाग के ताजा अंदाज पर नजर रखना जरूरी होगा।
मौसम के अंदाज के मुताबिक 22 से 28 अक्टूबर के बीच दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे लगे अंदमान सागर में चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनने की संभावना है। इस सिस्टम के असर से हफ्ते के बीच में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। आगे बारिश कैसी रहेगी, यह इस सिस्टम की तीव्रता और दिशा पर निर्भर करेगा।
इसी बीच दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप के इलाके में भी चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनने के संकेत हैं। दोनों समुद्रों में होने वाली इन हलचलों की वजह से दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश का जोर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
महाराष्ट्र में 18 अक्टूबर से कुछ हिस्सों में फिर से बारिश सक्रिय होने का अंदाज है। खास तौर पर कोकण के सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, रायगड और पालघर जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना बताई गई है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। सिंधुदुर्ग जिले में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हो सकती है, जबकि घाटमाथा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश पड़ सकती है। इसलिए किसानों, मछुआरों और सफर करने वालों को स्थानीय मौसम की सूचनाओं पर ध्यान देना जरूरी है।
मुंबई और ठाणे के इलाके में गर्मी और उमस का असर महसूस हो सकता है। मानसून खत्म होने के बाद भी राज्य में कहीं बारिश तो कहीं गर्मी, यानी उलटी तस्वीर देखने को मिल सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम बदल सकता है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का खतरा बताया गया है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले कुछ दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन राज्यों के लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करना चाहिए।
आने वाली सर्दी के मद्देनजर मौसम के जानकारों की नजर अल नीनो की स्थिति पर भी है। प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव का असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ सकता है। दी गई जानकारी के मुताबिक विदर्भ, छत्तीसगढ़ और दक्षिण मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रह सकता है।
एक तरफ बारिश और तेज हवाओं का खतरा है, तो दूसरी तरफ बढ़ता तापमान, इस दोहरी स्थिति से देश के मौसम में उतार-चढ़ाव दिख सकता है। चक्रवात या अतिवृष्टि के बारे में अंतिम नतीजे के लिए भारतीय मौसम विभाग का ताजा आधिकारिक बुलेटिन देखना जरूरी है।
अगले 10 दिनों का तापमान अंदाज: 17 अक्टूबर, शनिवार को अधिकतम 36 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस। 18 अक्टूबर, रविवार को 36 और 28। 19 अक्टूबर, सोमवार को 37 और 28। 20 अक्टूबर, मंगलवार को 35 और 27। 21 अक्टूबर, बुधवार को 37 और 28। 22 अक्टूबर, गुरुवार को 37 और 28। 23 अक्टूबर, शुक्रवार को 35 और 26। 24 अक्टूबर, शनिवार को 35 और 27। 25 अक्टूबर, रविवार को 37 और 28। 26 अक्टूबर, सोमवार को 36 और 28 डिग्री सेल्सियस।