मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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20:27 IST

मारुती सुझुकीने ग्रीन गाड़ियों की बिक्री का टारगेट बढ़ाकर 10 लाख यूनिट किया

मारुती सुझुकीने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए CNG, हायब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री का टारगेट बढ़ाया।

मारुती सुझुकीने ग्रीन गाड़ियों की बिक्री का टारगेट बढ़ाकर 10 लाख यूनिट किया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मारुती सुझुकी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने ग्रीन वाहनों की बिक्री का लक्ष्य लगभग 10 लाख यूनिट तक बढ़ा दिया है। कंपनी ने पहले CNG, हायब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कुल बिक्री 8 लाख से 9 लाख यूनिट के बीच रहने का अंदाजा लगाया था। मगर इस साल CNG गाड़ियों को मिल रहे भारी रिस्पॉन्स को देखते हुए कंपनी ने अपना टारगेट बढ़ा दिया है।

फिलहाल मारुती की कुल बिक्री में CNG गाड़ियों का हिस्सा लगभग 43 प्रतिशत है। कंपनी को लग रहा है कि आगे चलकर यह हिस्सा 50 प्रतिशत तक जा सकता है, बशर्ते गाड़ियों की सप्लाई पूरी हो। यानी मारुती की बिक्री में हर दो गाड़ियों में से लगभग एक गाड़ी CNG हो सकती है।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी ने करीब 2.2 लाख CNG कारें बेचीं, जो पिछले साल इसी दौरान के मुकाबले 58 प्रतिशत ज्यादा है। जुलाई में S-CNG मॉडल्स की महीने भर की बिक्री करीब 83,000 यूनिट तक पहुंच गई, जो कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। अभी हर महीने CNG की बिक्री लगभग 80,000 यूनिट के आसपास चल रही है, और पैसेंजर CNG मार्केट में मारुती का हिस्सा करीब 70 प्रतिशत है।

CNG वाला ऑप्शन और आकर्षक बनाने के लिए कंपनी ने स्विफ्ट, डिझायर और बलेनो में 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स दिया है। उन ग्राहकों के लिए जो CNG गाड़ी में टू-पेडल ड्राइविंग चाहते हैं, यह ऑप्शन काफी काम का साबित हो सकता है। स्विफ्ट S-CNG AMT की कीमत 7.92 लाख रुपये से शुरू होती है, बलेनो की 8.32 लाख रुपये से और डिझायर की 8.53 लाख रुपये से शुरू होती है।

इन तीनों मॉडल्स का सर्टिफाइड CNG माइलेज क्रमशः 35.34 km/kg, 34.47 km/kg और 36.47 km/kg है। डिझायर का दावा किया गया माइलेज इसे देश की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली सेडान गाड़ियों में शुमार करता है। पेट्रोल के मुकाबले CNG की रनिंग कॉस्ट कम होने की वजह से ज्यादा किलोमीटर चलाने वाले ग्राहकों के लिए यह ऑप्शन फायदेमंद हो सकता है।

अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती है, तो पेट्रोल पर खर्च बढ़ने की संभावना है। इस वजह से CNG के साथ-साथ हायब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की भी डिमांड बढ़ सकती है। मारुती ने अपने Auto Green Mission के तहत अल्टरनेटिव पावरट्रेन पर फोकस बढ़ा दिया है, और ह्युंदाई, किया और टाटा जैसी कंपनियां भी CNG सेगमेंट में नए मॉडल लाने की तैयारी में हैं।

कंपनी की इस रणनीति में CNG को मिलने वाला रिस्पॉन्स अहम है, क्योंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दायरा बढ़ने के बावजूद चार्जिंग की सुविधा और कीमत जैसे मुद्दे ग्राहकों के फैसले पर असर डालते हैं। इसलिए मारुती की कोशिश एक साथ कई ऑप्शन को मजबूत रखने की दिख रही है।

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