मर्सिडीज के प्लग-इन हाइब्रिड के लिए 5 से 6 फीसदी ज्यादा कीमत देने को तैयार ग्राहक
मर्सिडीज-बेंज इंडिया का कहना है कि लग्जरी कार खरीदने वाले प्लग-इन हाइब्रिड के लिए पेट्रोल या पूरी इलेक्ट्रिक कार से 5 से 6 फीसदी ज्यादा देने को तैयार हैं।
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लग्जरी कारों के बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की लोकप्रियता बढ़ रही है, और इसके साथ ही प्लग-इन हाइब्रिड कारों की तरफ भी ग्राहकों का झुकाव बढ़ रहा है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया इस ट्रेंड को लेकर काफी उत्साहित है। कंपनी का कहना है कि इन कारों के लिए ग्राहक पेट्रोल कार या पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार के मुकाबले 5 से 6 फीसदी ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष अय्यर ने प्लग-इन हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के फायदे गिनाए। उनके मुताबिक इस तरह की कार में इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल इंजन, दोनों लगे होते हैं। इसका मतलब यह है कि रोज की आवाजाही इलेक्ट्रिक ड्राइविंग से हो सकती है, और अगर बैटरी में चार्ज नहीं बचा तो पेट्रोल इंजन के सहारे सफर जारी रखा जा सकता है। जिन ग्राहकों को चार्जिंग स्टेशन कम मिलने की फिक्र रहती है, या जिन्हें लंबे सफर में रेंज खत्म हो जाने का डर सताता है, उनके लिए यह विकल्प काम का साबित हो सकता है।
संतोष अय्यर की जानकारी के अनुसार, मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास के प्लग-इन हाइब्रिड मेबैक वर्जन में करीब 100 किलोमीटर की इलेक्ट्रिक रेंज मिलती है। यानी ऑफिस आना-जाना, शहर के रोजमर्रा के काम या छोटी दूरी का सफर इलेक्ट्रिक मोड में निपटाया जा सकता है। लंबे सफर के लिए पेट्रोल इंजन का साथ रहता है, इसलिए दोनों तरह की ड्राइविंग का अनुभव लिया जा सकता है।
कंपनी के मुताबिक प्लग-इन हाइब्रिड कार की कीमत पारंपरिक पेट्रोल कार या पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार से 5 से 6 फीसदी ज्यादा हो सकती है। लेकिन लग्जरी सेगमेंट के ग्राहकों को इस अतिरिक्त खर्च के बदले सुविधा, सफर में लचीलापन और दोबारा बेचते वक्त अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। पूरी इलेक्ट्रिक कार के मुकाबले चार्जिंग से जुड़ी दिक्कतें कम महसूस हो सकती हैं, और इसे भी इस टेक्नोलॉजी का एक बड़ा फायदा माना जा रहा है।
मर्सिडीज-बेंज भारत में प्लग-इन हाइब्रिड मॉडलों की रेंज बढ़ा रही है। मर्सिडीज-मेबैक एस-क्लास के साथ यह टेक्नोलॉजी भारत में पहली बार आई है। इसके अलावा ई53 एएमजी प्लग-इन हाइब्रिड पेश की जा चुकी है और उसकी डिलीवरी शुरू हो गई है। एस-क्लास और मेबैक एस-क्लास के प्लग-इन हाइब्रिड वर्जन की डिलीवरी अक्टूबर 2026 के आखिर तक शुरू होने की उम्मीद है।
कंपनी की जानकारी के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच मर्सिडीज-बेंज के इलेक्ट्रिक कार पोर्टफोलियो में 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों का हिस्सा करीब 8 से 9 फीसदी रहा। आगे चलकर इलेक्ट्रिक कार ही अंतिम लक्ष्य है, फिर भी कंपनी पेट्रोल, डीजल और प्लग-इन हाइब्रिड जैसे अलग-अलग पावरट्रेन के विकल्प देने पर जोर देती रहेगी।