मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:06 IST

मराठवाडा, कोकण और मध्य महाराष्ट्र में फिर बिजली के साथ बारिश का अलर्ट, सोलापुर में सबसे ज्यादा गर्मी

मौसम विभाग ने कोकण, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में बिजली गिरने के साथ बारिश की चेतावनी दी है, जबकि राज्य में अब तक औसत से 16.5 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है।

मराठवाडा, कोकण और मध्य महाराष्ट्र में फिर बिजली के साथ बारिश का अलर्ट, सोलापुर में सबसे ज्यादा गर्मी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

पिछले कुछ दिनों से मौसम में जबरदस्त उलटफेर देखने को मिल रहा है। ज्यादातर इलाकों में बारिश गायब है और धूप की तपिश लगातार बनी हुई है, जिसकी मार आम लोगों को झेलनी पड़ रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने मराठवाड़ा के साथ-साथ कोकण और मध्य महाराष्ट्र में बिजली के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है और सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य महाराष्ट्र, कोकण और मराठवाड़ा में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। बाकी राज्य में कुछ जगहों पर बिजली के साथ हल्की बारिश हो सकती है। कई इलाकों में तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार (18 तारीख) सुबह तक के 24 घंटों में सोलापुर में राज्य का सबसे ज्यादा तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद जेऊर, अमरावती, परभणी, अकोला और वर्धा में 36 डिग्री से ज्यादा, जबकि चंद्रपुर में 35 डिग्री से ज्यादा तापमान रिकॉर्ड हुआ। उत्तर तमिलनाडु के आसपास समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनी हुई है। मराठवाड़ा से लेकर कर्नाटक होते हुए दक्षिण-पूर्व अरब सागर तक कम दबाव की पट्टी फैली हुई है।

इस बीच मानसून की धुरी वाला कम दबाव का क्षेत्र भी बिखर गया है। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार (19 तारीख) को पश्चिम राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। मानसून के लौटते ही देश में परतीय बारिश यानी लौटती बारिश शुरू हो जाएगी।

राज्य में सबसे कम तापमान महाबळेश्वर में 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों में मराठवाड़ा के परभणी जिले के सोनपेठ में सबसे ज्यादा 110 मिलीमीटर, जबकि बीड के परळी वैजनाथ में 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

महाराष्ट्र में 1 जून से 6 सितंबर 2026 के दौरान औसत के मुकाबले सिर्फ 83.5 फीसदी बारिश हुई है, यानी औसत से 16.5 फीसदी कम बारिश। इस लंबे सूखे की वजह से राज्य के कई जिलों में खरीफ फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। बीड में औसत के मुकाबले सिर्फ 68.5 फीसदी बारिश दर्ज हुई।

राज्यभर में बारिश में बड़ा गैप आने से संभावित पानी की किल्लत की टेंशन बढ़ गई है। पीने के पानी के स्रोत सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने भूजल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह है कि यह आदेश पुणे जिले में भी लागू होता है या नहीं।

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