मान्सून लौटते ही महाराष्ट्र में 'ऑक्टोबर हीट' का जोर, विदर्भ में पारा 39 डिग्री पर
मान्सून के महाराष्ट्र से लौटने के बाद राज्य में ऑक्टोबर हीट का असर बढ़ा है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान औसत से 2 से 7 डिग्री सेल्सियस ऊपर चला गया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मानसून के महाराष्ट्र से लौटते ही राज्य में 'अक्टूबर हीट' का असर बढ़ गया है। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में ही कई इलाकों का अधिकतम तापमान औसत से 2 से 7 डिग्री सेल्सियस ऊपर चला गया है। मुंबई-सांताक्रूज़ और रत्नागिरी में तो हीट वेव जैसे हालात महसूस किए गए।
दोपहर की गर्मी इसलिए और तेज हो गई है कि आसमान साफ है, हवा का दबाव बढ़ा हुआ है और उत्तर भारत से गर्म और सूखी हवाएं चल रही हैं।
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ माणिकराव खुळे के मुताबिक उत्तर गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल तक हाई प्रेशर की एक पट्टी बनी है। इसी वजह से महाराष्ट्र में हवा का दबाव औसत से ज्यादा हो गया है। आसमान साफ होने से सूरज की किरणें दिन भर सीधे जमीन पर पड़ रही हैं और गर्म, सूखी हवाएं तापमान बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
मुंबई में समुद्र की तरफ से आने वाली ठंडी हवाओं पर भी असर पड़ रहा है, इसलिए उमस ज्यादा महसूस हो रही है। खुळे ने बताया कि समुद्र की ये ठंडी हवाएं धीमी पड़ें तो जमीन की गर्मी घटने में देर लगती है। इससे सुबह की सुहावनी ठंडक कम हो जाती है और दोपहर के बाद उमस ज्यादा लगती है।
राहत के बारे में खुळे का अंदाजा है कि 20 अक्टूबर से अधिकतम तापमान में कुछ कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि दसहरे से, यानी 20 अक्टूबर से, तापमान थोड़ा घट सकता है। साथ ही उनके मुताबिक अगले दो हफ्तों में महाराष्ट्र में न चक्रवात की संभावना है और न बारिश की।
खुळे के निरीक्षण के अनुसार कोकण में अधिकतम तापमान 33 से 38 डिग्री, मध्य महाराष्ट्र में 34 से 38 डिग्री, मराठवाड़ा में 34 से 36.6 डिग्री और विदर्भ में 35 से 39 डिग्री तक पहुंच गया है। इन सभी इलाकों में तापमान औसत से काफी ज्यादा है।
तड़के के न्यूनतम तापमान में बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है, फिर भी अलीबाग में न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज किया गया। खुळे ने 16 से 22 अक्टूबर के बीच रात की उमस भी बढ़ने की आशंका जताई है।