दृश्यम 3 की कामयाबी पर केदार शिंदे बोले, नींव निशिकांत कामत ने रखी थी
मराठी निर्देशक केदार शिंदे ने सोशल मीडिया पोस्ट में दिवंगत निर्देशक निशिकांत कामत को याद किया और कहा कि 'दृश्यम' की कामयाबी का पूरा क्रेडिट पहले भाग के निर्देशक को जाता है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
अभिषेक पाठक की फिल्म 'दृश्यम 3' इन दिनों थिएटरों में खूब चल रही है। फिल्म 2 अक्टूबर को रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर पहले सात दिन में ही उसने 245.50 करोड़ की कमाई कर ली है। अजय देवगन का किरदार विजय सालगांवकर एक बार फिर दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है, और सोशल मीडिया पर हर तरफ इसी फिल्म की चर्चा है।
इसी माहौल में मराठी के जाने-माने निर्देशक केदार शिंदे ने भी फिल्म देखी और उसके बाद एक ऐसी पोस्ट की, जिस पर सबका ध्यान गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर 'दृश्यम 3' और दिवंगत निर्देशक निशिकांत कामत की एक तस्वीर शेयर की और साथ में दिल से लिखी हुई एक पोस्ट डाली।
केदार शिंदे ने पोस्ट में लिखा, "अभी 'दृश्यम 3' देखी। इससे पहले के दोनों भाग भी देखे थे। ओरिजनल बनाने वालों की सूझबूझ को सलाम! लेकिन हिंदी में जो अनोखी कामयाबी मिली है, उसके लिए सबको दिल से बधाई! फिल्म बनाई ही चलने के लिए जाती है! तीसरा भाग देखने के बाद हर किसी ने मुझसे मेरी प्रतिक्रिया पूछी। एक सच बताऊं? मुझे इस बारे में ज्यादा बोलने का मन नहीं है। जब लोगों का अभूतपूर्व रिस्पॉन्स मिलता है, तब सब कुछ खत्म हो जाता है! इसके बारे में बोलना तो बेवकूफी होगी... पर पर पर... इस अभूतपूर्व रिस्पॉन्स का पूरा क्रेडिट मैं दूंगा... पहले भाग के निर्देशक को। निशिकांत कामत न होते तो ये लोग ये इमारतें बना ही नहीं पाते। एक मराठी इंसान ने नींव रखी, इसीलिए आगे कलश चढ़ाए गए हैं!!"
'दृश्यम 3 : द कन्क्लूजन' को इस सीरीज का आखिरी भाग बताया जा रहा है। अजय देवगन इसमें फिर विजय सालगांवकर बने हैं। उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, रजत कपूर, कमलेश सावंत, जयदीप अहलावत और मृणाल जाधव अहम भूमिकाओं में हैं। पहले दो भागों में सस्पेंस की जो पकड़ थी, तीसरे भाग में भी वही पकड़ बनाए रखी गई है। आखिर तक पता नहीं चलता कि क्या होने वाला है, और यही इस फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है।
2 अक्टूबर को आने के बाद से यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक रिकॉर्ड तोड़ रही है। अब केदार शिंदे ने निशिकांत कामत को याद किया तो पहली 'दृश्यम' की चर्चा भी फिर से शुरू हो गई है। 2015 में आई पहली 'दृश्यम' को लोग आज भी नहीं भूले हैं। उस वक्त निशिकांत ने जिस तरह कहानी सुनाई थी, वही इस फ्रेंचाइजी की असली ताकत है।
केदार शिंदे की बात इस मायने में सही बैठती है कि कोई फिल्म हिट होती है तो उसके पीछे कई लोगों की मेहनत होती है, पर इमारत तभी ऊंची जाती है जब नींव मजबूत हो। और 'दृश्यम' की नींव निशिकांत कामत ने ही डाली थी, यह बात कोई नहीं भूल सकता।