मनोज जरांगे का सख्त एलान, 'मर जाऊंगा पर सरेंडर नहीं करूंगा', साथियों की जांच पर सरकार को घेरा
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने छत्रपती संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए सरकार पर साथियों को परेशान करने का आरोप लगाया और समर्थकों से एकजुट रहने को कहा।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे मनोज जरांगे पाटील ने एक बार फिर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। छत्रपती संभाजीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितनी परेशानी खड़ी करे, वे मराठा आरक्षण की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। जरांगे ने साफ किया कि सरकार से कोई समझौता या दोस्ती करने के बजाय वे संघर्ष जारी रखेंगे।
जरांगे ने अपने समर्थकों को चेतावनी देते हुए कहा, "सावधान रहो, सतर्क रहो। रात दुश्मन की है, वे साजिश रच रहे हैं। काम करने वालों को मुसीबत में डाला जा रहा है। दबाव में जांचें चल रही हैं। इसलिए एकजुट रहो।" उन्होंने समर्थकों से संकट का सामना करने की हिम्मत रखने की अपील करते हुए कहा, "अपना कोई नहीं है, हम खुद ही अपने हैं," और समाज से किसी भी हालत में एकजुटता न छोड़ने को कहा। उन्होंने यह भी कहा, "लेकिन तुम्हें बता देता हूं, मर जाऊं तो चलेगा, मैं उनके सामने सरेंडर नहीं करूंगा।"
बता दें कि जरांगे ने बीस दिन का उपवास खत्म करते समय राज्य सरकार को मराठा आरक्षण से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई करने के लिए तीन महीने की मोहलत दी थी। सरकारी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद उन्होंने उपवास स्थगित किया था, लेकिन साफ कहा था कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। अब इसी तीन महीने की अवधि में उन्हें बदनाम करने की कोशिशें हो रही हैं, ऐसा आरोप जरांगे ने लगाया है। उन्होंने कहा कि दबाव या जांच से उनकी भूमिका नहीं बदलेगी, और दोहराया, "मर जाऊं तो चलेगा, पर सरेंडर नहीं करूंगा।" इस तरह मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार और जरांगे के बीच टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
जरांगे के कुछ साथियों पर आर्थिक लेनदेन और कथित रेत कारोबार से जुड़े आरोप लगे हैं। जानकारी सामने आई है कि उनके पूर्व साथी अजय बारसकर ने ईडी के पास शिकायत दर्ज कराई है। ये आरोप बारसकर के हैं और इनकी अलग से जांच चल रही है, यानी आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। जरांगे ने हालांकि इन घटनाक्रमों को आंदोलन से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है। इससे पहले भी जब उनके साथियों की आयकर जांच की खबर सामने आई थी, तब उन्होंने सरकार पर निशाना साधा था और साथ ही जांच का सामना करने की तैयारी भी जताई थी।
अपनी सेहत का जिक्र करते हुए जरांगे ने बताया कि मराठा समाज के लिए किए गए उपवासों का उनके शरीर पर गंभीर असर पड़ा है। डॉक्टरों ने उनकी हालत बहुत गंभीर बताई थी। इस सबके बावजूद जरांगे ने फिर एक बार दोहराया कि मराठा आरक्षण की मांग से वे पीछे नहीं हटेंगे।