मनीव्यू का शेयर लिस्टिंग के दिन ही 63% ऊपर, IPO निवेशकों की चांदी
फिनटेक कंपनी Moneyview के शेयर बाजार में उतरते ही निवेशकों को पहले दिन 63% का फायदा हुआ।
फिनटेक कंपनी Moneyview की शेयर बाजार में आज धमाकेदार एंट्री हुई। जिन लोगों ने इसके IPO में पैसे लगाए थे, उनके लिए पहला ही दिन लॉटरी जैसा रहा। BSE पर कंपनी का शेयर 55.61 रुपये पर लिस्ट हुआ, जबकि NSE पर यह 55 रुपये पर लिस्ट हुआ।
कंपनी ने IPO में यह शेयर 34 रुपये के भाव पर दिया था। यानी लिस्ट होते ही निवेशकों को 63% का फायदा मिल गया। लिस्टिंग के बाद भी शेयर रुका नहीं और BSE पर 56.58 रुपये तक चढ़ा। इस भाव पर निवेशक 66% के फायदे में हैं।
Moneyview का 1092 कोटी रुपये का IPO 24 से 28 सितंबर तक खुला था। इसे 101.87 गुना भरा गया। बड़ी कंपनियों यानी QIB की तरफ से 230 गुना पैसा लगा। अमीर निवेशकों यानी NII ने 120 गुना भरा और छोटे निवेशकों ने रिटेल में 20.41 गुना भरा। इससे दिखता है कि लोगों को इस कंपनी पर कितना भरोसा था।
इस IPO में कंपनी ने 750 कोटी रुपये के नए शेयर निकाले थे। साथ ही पुराने शेयरहोल्डरों ने 342 कोटी रुपये के 10 कोटी शेयर बेचे। यह पैसा उन्हीं शेयरहोल्डरों को मिला है।
नए शेयर बेचने से आए 750 कोटी रुपये के इस्तेमाल के बारे में कंपनी ने बताया है। 325 कोटी रुपये कर्ज बांटने का काम बढ़ाने में लगेंगे। 250 कोटी रुपये उसकी मुख्य कंपनी WFBL की पूंजी बढ़ाने में जाएंगे। 111 कोटी रुपये दूसरे कामों के लिए और 90 कोटी रुपये IPO के खर्च के लिए रखे गए हैं।
Moneyview एक फिनटेक कंपनी है जो मोबाइल से कर्ज देने का काम करती है। वह पर्सनल लोन, क्रेडिट स्कोर चेक करने और पैसे मैनेज करने की सर्विस देती है। जून 2026 तक उसके 14 कोटी यूजर्स हो चुके थे। उसने 48 बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के साथ टाइअप किया है। अब वह बीमा, क्रेडिट कार्ड, डिजिटल सोना और पेमेंट्स में भी काम करती है।
कंपनी की कमाई भी तेजी से बढ़ रही है। 2024 से 2026 के बीच उसका मुनाफा हर साल 19% बढ़कर 242 कोटी रुपये हो गया, और कुल आमदनी 57% बढ़कर 3404 कोटी रुपये हो गई। इस साल के पहले तीन महीनों में, यानी अप्रैल से जून 2026 में, उसे 173 कोटी रुपये का मुनाफा हुआ और 1065 कोटी रुपये की आमदनी मिली। जून 2026 तक कंपनी पर 5484 कोटी रुपये का कर्ज था और उसके पास 2374 कोटी रुपये का रिजर्व फंड है।
कुल मिलाकर Moneyview ने बाजार में आते ही धमाका कर दिया। इससे दिखता है कि फिनटेक कंपनियों की मांग अभी बनी हुई है।