शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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OpenAI वेबसाइटों की AI ट्रेनिंग वाली पसंद को robots.txt से मानेगी

OpenAI के मुताबिक वह robots.txt के एक साझा संकेत को मानेगी, जिससे वेबसाइट चलाने वाले बता सकते हैं कि उनका कंटेंट AI की ट्रेनिंग में लगे या नहीं। यह खास तौर पर वेबसाइट मालिकों के काम की बात है।

AI-generated illustration: OpenAI वेबसाइटों की AI ट्रेनिंग वाली पसंद को robots.txt से मानेगी
AI-generated illustration | PT24

OpenAI ने बताया है कि वह robots.txt के ज़रिए दिए गए एक साझा संकेत का सम्मान करेगी। robots.txt किसी वेबसाइट पर रखी एक छोटी सी फ़ाइल होती है, जिसमें वेबसाइट चलाने वाले ऑटोमैटिक प्रोग्रामों के लिए अपनी पसंद लिख सकते हैं।

इस संकेत से वेबसाइट मालिक बता सकते हैं कि उनकी साइट की सामग्री AI की ट्रेनिंग में इस्तेमाल हो या नहीं। AI की ट्रेनिंग यानी AI को सिखाने के लिए उसे बहुत सारा टेक्स्ट और डेटा पढ़ाना।

OpenAI के मुताबिक यह संकेत उन कंपनियों तक पहुँचेगा जो इस व्यवस्था में हिस्सा ले रही हैं। यानी एक ही जगह लिखी पसंद कई AI कंपनियों के लिए काम कर सकती है। कौन सी कंपनियाँ जुड़ी हैं और यह कैसे लागू होगा, इसकी पूरी जानकारी मूल रिपोर्ट में है।

आपके लिए इसका मतलब

जिनकी अपनी वेबसाइट, ब्लॉग या ऑनलाइन दुकान है, उन्हें अब यह तय करने का आसान तरीका मिल सकता है कि उनका लिखा AI सीखने में काम आए या नहीं। आम पाठक को इसके लिए कुछ करने की ज़रूरत नहीं है।

आप क्या करें

  • अगर आपकी अपनी वेबसाइट है, तो अपने वेबसाइट डेवलपर से पूछ लें कि robots.txt में आपकी पसंद कैसे लिखी जाए।

ये शब्द समझ लें

robots.txt
वेबसाइट पर रखी छोटी फ़ाइल, जिसमें ऑटोमैटिक प्रोग्रामों के लिए नियम लिखे जाते हैं।
AI ट्रेनिंग
AI को सिखाने के लिए उसे बड़ी मात्रा में टेक्स्ट और डेटा पढ़ाना।

यह खबर PT24 ने AI की सहायता से, स्रोत की रिपोर्ट के आधार पर अपने शब्दों में समझाई है। स्रोत के अपने शब्द नीचे बिना बदलाव के हैं।

स्रोत की रिपोर्ट

मूल शीर्षक: Making it easier for websites to express AI training preferences

OpenAI publishes this report on its own site.

Read more at OpenAI

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे