मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:59 IST

माइग्रेन की दिक्कत से परेशान हैं? कुछ आसान आदतों से मिलेगी सिरदर्द में राहत

माइग्रेन आजकल एक आम बीमारी बन गई है, जिसमें कुछ जीवनशैली की आदतें बदलकर दर्द में राहत पाई जा सकती है।

माइग्रेन की दिक्कत से परेशान हैं? कुछ आसान आदतों से मिलेगी सिरदर्द में राहत
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

आजकल माइग्रेन की शिकायत बहुत आम हो गई है। अलग-अलग वजहों से यह तकलीफ हो सकती है। माइग्रेन को सिर्फ आम सिरदर्द समझना गलत है, इसे साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर माना जाता है। इसका दर्द ज्यादातर सिर के अगले हिस्से में, माथे पर या आंखों के आसपास महसूस होता है। इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी और तेज रोशनी व आवाज से भी परेशानी हो सकती है। कई बार माइग्रेन का अटैक कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक भी रह सकता है। दर्द इतना तेज हो सकता है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है।

जब माइग्रेन की तकलीफ शुरू हो, तो सबसे पहले तेज रोशनी और शोर-शराबे से दूर हो जाना चाहिए। शांत और हल्की रोशनी वाले कमरे में थोड़ी देर आराम करना फायदेमंद हो सकता है। तेज रोशनी और आवाज से कई लोगों की तकलीफ और बढ़ सकती है। कुछ लोगों को सिर या गर्दन पर ठंडी पट्टी रखने से भी राहत मिलती है। अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा हो या बहुत ज्यादा परेशान कर रहा हो, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है, ताकि इसकी सही वजह पता चले और सही इलाज हो सके।

माइग्रेन के दौरान या इससे बचने के लिए सिर की हल्के हाथ से मालिश करना भी कुछ लोगों के लिए राहत भरा साबित होता है। सिर और गर्दन की मांसपेशियों पर पड़ने वाले तनाव से कुछ लोगों में सिरदर्द और बढ़ सकता है। ऐसे में मालिश तनाव कम करने और आराम महसूस करने में मदद कर सकती है।

नींद पूरी न होने से माइग्रेन की तकलीफ बढ़ जाती है। सिर्फ कम सोने से ही नहीं, बल्कि बहुत ज्यादा सोने से या सोने-उठने के समय में बार-बार बदलाव करने से भी कुछ लोगों को माइग्रेन हो सकता है। इसलिए रोज एक तय समय पर सोने और उठने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही रात को सोने से पहले मोबाइल और दूसरी स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना चाहिए।

तेज रोशनी को माइग्रेन के सिरदर्द की एक आम वजह माना जाता है, जिसे फोटोफोबिया कहते हैं। अगर रोशनी से आपका सिरदर्द बढ़ता है, तो घर या काम की जगह पर बहुत तेज रोशनी वाले बल्ब या लाइट इस्तेमाल करने से बचें। साथ ही कमरे में पूरा अंधेरा करने वाले पर्दे लगाएं। बाहर निकलते समय सनग्लासेस पहनें। अगर आप कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो एंटी-ग्लेअर स्क्रीन इस्तेमाल करना भी फायदेमंद हो सकता है।

यह जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है, इसमें किसी तरह के इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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