महाराष्ट्र FDA की नजर अब बेबी फूड पर, आयुक्त मुंढे के नेतृत्व में सख्त जांच
होटल और दूध-डेयरी उत्पादों की जांच तेज करने के बाद महाराष्ट्र अन्न व औषध प्रशासन अब शिशु आहार की सुरक्षा और लेबलिंग पर ध्यान दे रहा है।
होटल, दूध और दुग्धजन्य पदार्थों समेत कई खाद्य पदार्थों की जांच तेज करने के बाद महाराष्ट्र अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने अब बच्चों के पोषण और शिशु आहार की सुरक्षा पर ध्यान लगाया है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग ने पिछले कुछ महीनों में खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपल इकट्ठा करने का काम काफी बढ़ाया है। जून से अगस्त 2026 के तीन महीनों में FDA ने 34,584 खाद्य सैंपल इकट्ठा किए थे।
मुंढे ने हाल ही में साफ किया है कि FDA की बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य मुहिम में अब child nutrition और खासकर infant food एक अहम क्षेत्र है। खबर में बताया गया है कि पैकेजिंग से लेकर क्वालिटी तक FDA सख्त जांच करेगा और नियम तोड़ने वाले उत्पादकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शिशु आहार की पैकेजिंग और लेबलिंग के लिए भारत में पहले से सख्त प्रावधान हैं। Infant Milk Substitutes, Feeding Bottles and Infant Foods Act, 1992 (IMS Act) के मुताबिक infant milk substitute या infant food के पैकेट पर साफ तौर पर "MOTHER'S MILK IS BEST FOR YOUR BABY" लिखा होना जरूरी है। इसके साथ ही प्रोडक्ट को हेल्थ वर्कर की सलाह से इस्तेमाल करने की सूचना, उसके घटक, पोषण की बनावट, स्टोरेज, बैच नंबर और बनाने व इस्तेमाल की आखिरी तारीख जैसी जानकारी भी देनी होती है।
Food Safety and Standards (Foods for Infant Nutrition) Regulations, 2020 में भी यही संदेश पैक के आगे वाले हिस्से पर साफ दिखने वाले तरीके से देने का प्रावधान है। infant food के मामले में छह महीने के बाद और दो साल तक की उम्र में वह आहार शुरू करने से जुड़ा संदेश देने का भी प्रावधान है। कुछ खास मेडिकल हालात के लिए बनाए गए विशेष आहार पर नियम के मुताबिक अपवाद लागू हो सकता है।
शिशु खुद प्रोडक्ट का लेबल नहीं पढ़ सकता और न ही ब्रांड चुन सकता है। इसलिए माता-पिता को यह साफ जानकारी मिलना जरूरी है कि प्रोडक्ट में असल में क्या है, वह किस उम्र के बच्चों के लिए है, उसे सही तरीके से कैसे इस्तेमाल करना है और उसकी क्वालिटी व सुरक्षा क्या है। IMS Act में स्तनपान की सुरक्षा और उसे बढ़ावा देना, साथ ही infant foods के सही इस्तेमाल का नियमन, मुख्य मकसद बताया गया है।
इस मुहिम से लगता है कि FDA का जोर सिर्फ कार्रवाई पर नहीं है। मकसद यह है कि सुरक्षित, नियमों के हिसाब से बना और सही जानकारी वाला शिशु आहार उपभोक्ताओं तक पहुंचे। महाराष्ट्र FDA की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक Foods for Infant Nutrition Regulations, 2020 विभाग की तरफ से लागू किए जाने वाले खाद्य सुरक्षा नियमों में शामिल हैं।