मध्य रेल्वे पर सिग्नल खराब, मुंबई की लोकल करीब 5 घंटे से ठप, यात्री परेशान
सोमवार सुबह कांजूरमार्ग-भांडूप और मुलुंड-ठाणे के बीच सिग्नल बिगड़ने से मध्य रेलवे की लोकल का टाइमटेबल बिगड़ा, मरम्मत में 4 से 5 घंटे और लग सकते हैं।
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सोमवार की सुबह मुंबई वालों के लिए भारी पड़ गई। हफ्ते के पहले ही दिन मध्य रेलवे पर सिग्नल सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई और लोकल का पूरा टाइमटेबल बिगड़ गया। कई यात्रियों को ट्रेनों के अंदर ही घंटों रुकना पड़ा।
खराबी कांजूरमार्ग से भांडूप और मुलुंड से ठाणे के बीच आई। इसका असर फास्ट और स्लो, दोनों लाइनों की आवाजाही पर पड़ा। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली मध्य रेलवे की उपनगरीय सेवा को सोमवार को गंभीर तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़ा। बताया गया है कि सुबह करीब 10 बजे मुलुंड से ठाणे और कांजूरमार्ग से भांडूप के बीच सिग्नल में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई। यह भी कहा गया है कि कांजूरमार्ग स्टेशन के पास सुबह करीब 9:30 बजे सभी लाइनों पर सिग्नल की बत्तियां बंद हो गई थीं। विक्रोली से भांडूप के बीच स्लो और फास्ट लाइन के साथ 5वीं और 6वीं लाइन के सिग्नल में भी तकनीकी दिक्कत आई।
ऐन भीड़ के वक्त मुख्य लाइन के सिग्नल बंद होने से ट्रेनों को जगह-जगह रोकना पड़ा। अप और डाउन, दोनों दिशाओं में फास्ट और स्लो लाइन की आवाजाही बिगड़ गई। यात्रियों ने शुरू में सोचा कि यह छोटी-मोटी खराबी होगी। लेकिन साढ़े तीन घंटे से ज्यादा बीत जाने पर भी हालात पूरी तरह काबू में नहीं आए, तो उनकी परेशानी बढ़ती गई।
सुबह दफ्तर के लिए निकले नौकरीपेशा लोग, स्टूडेंट और दूसरे यात्री बीच रास्ते में फंस गए। मुंबई में इन दिनों अक्टूबर हीट की मार पड़ रही है, ऐसे में बंद या रुकी हुई लोकल में बैठे रहना यात्रियों के लिए और तकलीफदेह रहा। उमस और ट्रेनों के चलने की अनिश्चितता से कई लोगों का बुरा हाल हो गया। आखिर में कुछ नाराज यात्री लोकल से उतरकर रेल की पटरियों पर पैदल ही चल पड़े।
अलग-अलग स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। वक्त पर काम पर पहुंचना और जरूरी काम निपटाना कई लोगों के लिए मुश्किल हो गया। मध्य रेलवे की गाड़ियां करीब 15 से 30 मिनट देरी से चल रही हैं, जिससे सफर का पूरा प्लान बिगड़ गया है।
जानकारी है कि रेलवे प्रशासन अभी तक सिग्नल की खराबी पूरी तरह ठीक नहीं कर पाया है। मिली जानकारी के मुताबिक मरम्मत पूरी होने में अभी 4 से 5 घंटे और लग सकते हैं। ऐसे में शाम को दफ्तर से घर लौटने वाले यात्रियों को भी बड़ी दिक्कत झेलनी पड़ सकती है।
मध्य रेलवे की आवाजाही बिगड़ने का असर सड़क के ट्रैफिक पर भी पड़ने की आशंका है। अगर लोकल की जगह प्राइवेट गाड़ी, टैक्सी और बस से जाने वाले लोग बढ़े, तो ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस रोड पर जाम और गंभीर हो सकता है।
सिग्नल की खराबी का पता चलते ही मध्य रेलवे के मुंबई डिवीजन ने ट्रेनें चलाने के लिए दूसरा इंतजाम शुरू कर दिया। इसके तहत 'ए-बोर्ड ऑथॉरिटी' और 'TD 912' ऑथॉरिटी का इस्तेमाल करके गाड़ियों को मैन्युअल तरीके से चलाने की अस्थायी व्यवस्था की गई।
विक्रोली से भांडूप के बीच 'ऐब्सोल्यूट ब्लॉक वर्किंग' लागू की गई है। इस तरीके में ट्रेनों को बहुत धीमी रफ्तार से और सुरक्षित दूरी रखकर आगे भेजा जा रहा है। खराबी के बाद डाउन लोकल लाइन से 'K39' और डाउन थ्रू लाइन से 'BL11' गाड़ियों को भी नियमों का पालन करते हुए धीरे-धीरे रवाना किया गया। इस बीच रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई है और पेचीदा खराबी को ठीक करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। आवाजाही जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
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