कुख्यात 'फल्ली' गैंग पर लगा मकोका
पार्षद शुभम मोटघरे पर फायरिंग का मामला, सूत्रधार सहित तीन फरार
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नागपुर.
कांग्रेस के पार्षद शुभम मोटघरे पर हुई फायरिंग की वारदात में लिप्त अपराधियों के खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) की कार्रवाई की गई है. भांडेवाड़ी के श्रावणनगर में प्रभाग 26 के पार्षद शुभम मोटघरे पर 26 अगस्त को गोलीबारी हुई थी. कुख्यात अपराधी विशाल उर्फ फल्ली की गैंग ने हत्या की साजिश रचकर संगठित तरीके से इस हमले को अंजाम दिया था. इसके चलते अब इस गैंग के सदस्यों को जमानत मिलने की संभावना कम हो गई है. शुभम मोटघरे पर 26 अगस्त की रात करीब एक बजे गोलीबारी हुई थी. घटना से कुछ सेकंड पहले तक मोटघरे गैलरी में खड़े थे, लेकिन वे गोलीबारी से ठीक पहले घर के अंदर चले गए थे. इस वजह से शुभम बाल-बाल बच गए थे. इसके बाद फायरिंग की घटना में क्राइम ब्रांच ने अब तक अंकुश झनक तोमस्कर (30), ऋषभ उर्फ ऋषि विशाल नागदेवे (24), अमित मधुकर ठाकरे (22), कार्तिक बबलू तोमस्कर (26), ऋषभ भगवती पेथेल (30), केतन दुर्गाप्रसाद माटे (24) और रोमित उर्फ फुल्ल्या मुनेश्वर वाहाने (21) सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है.सभी फिलहाल नागपुर जेल में बंद है. इस गोलीबारी के मामले में गैंग का मुख्य सरगना विशाल उर्फ फल्ली गुप्ता, अशोक उर्फ बावाजी यादव, सहेली पंधरम उर्फ सोनू (25) और अनिकेत उर्फ अन्नू संजय बिहारे अबतक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि फल्ली गैंग के सरगना विशाल ने ही मोटघरे की हत्या की साजिश रची थी और गोलीबारी करने के लिए अंकुश तोमस्कर को सुपारी दी थी. इसके बाद पुलिस ने रविवार को इस संगठित अपराधी गिरोह के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई करने के आदेश जारी किए. इस कार्रवाई के चलते अब गैंग के सदस्यों को जमानत मिलने की संभावना और भी कम हो गई है. अशोक यादव इतवारी रेलवे स्टेशन के पास जुए का अड्डा चलाने के लिए चर्चित है.