कोंढाली में शिक्षक को सड़क पर रोककर पीटने का आरोप, जान से मारने की धमकी भी
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नागपुर जिले के कोंढाली में स्कूल के एक मामले में बीच-बचाव करने वाले शिक्षक शैलेश चव्हाण से सड़क पर मारपीट का आरोप है। आरोपी फरार है।
काटोल: नागपुर जिले के कोंढाली में एक शिक्षक को रास्ते में रोककर मारने-पीटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के विद्यार्थियों की शिकायत वाले एक मामले में बीच-बचाव करने का गुस्सा मन में रखकर यह मारपीट की गई। शिक्षक के साथ अश्लील और जातिसूचक गाली-गलौज करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इस घटना से शिक्षकों में और पूरे इलाके में हलचल मच गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मारपीट का शिकार हुए शैलेश चव्हाण 44 साल के हैं और कोंढाली में रहते हैं। वे एक नामी विद्यालय में शिक्षक के तौर पर काम करते हैं। स्कूल के विद्यार्थियों की शिकायत से एक मामला खड़ा हुआ था। उसी मामले में पुरुषोत्तम हगवणे स्कूल आए थे। तब अभिभावकों और साथी शिक्षकों ने बीच में पड़कर संबंधित अभिभावकों को समझाया था, और इस तरह वह मामला खत्म हो गया था।
इसके बावजूद आरोप है कि इस बीच-बचाव का गुस्सा मन में रखकर आरोपी पुरुषोत्तम हगवणे ने 2 नवंबर को चारपहिया गाड़ी से आकर शैलेश चव्हाण को रास्ते में रोक लिया। आरोपी की उम्र 54 साल बताई गई है और वह भी कोंढाली का रहने वाला है।
शिकायत में लिखा है कि आरोपी ने कहा, 'स्कूल के मामले में बीच में पड़ने की तुझे क्या जरूरत थी?' इसके बाद उसने अश्लील गाली-गलौज की और शिक्षक के गाल पर घूंसे मारे। शिकायत के मुताबिक उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
इस घटना के विरोध में 3 नवंबर को स्थानीय लोग पुलिस स्टेशन पहुंचे और उन्होंने निवेदन सौंपा। निवेदन में जातिसूचक गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों को ध्यान में लेकर संबंधित आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
इस मामले में कोंढाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी फरार है। आगे की जांच कोंढाली पुलिस कर रही है।
स्कूल का विवाद सड़क तक पहुंच गया, इसलिए शिक्षकों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
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