चंद्रपुर: सुगंधित तंबाखू के वाहन से 20 लाख 62 हजार का माल जब्त, वसूली का केस भी दर्ज
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
रामनगर पुलिस की जब्ती के बाद चालक की शिकायत पर दो युवकों पर कथित वसूली का केस दर्ज हुआ है। युवकों ने पुलिस पर झूठे केस के आरोप लगाए हैं।
चंद्रपुर के सुगंधित तंबाखू वाले मामले में नया मोड़ आ गया है। जानकारी के मुताबिक रामनगर पुलिस ने प्रतिबंधित सुगंधित तंबाखू ढोने वाले एक वाहन से 20 लाख 62 हजार रुपये का माल जब्त किया है। इस मामले में वाहन के चालक समीर कुरेशी और मालिक वसीम झिमरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
कहानी यहीं खत्म नहीं होती। चालक की शिकायत पर रामनगर पुलिस स्टेशन में अरबाज महबूब शेख और ईरफान शेख के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। शिकायत के मुताबिक दोनों पर आरोप है कि उन्होंने यही माल पकड़वाने की धमकी दी, अपहरण किया, 3 लाख रुपये की वसूली की और हर महीने 50 हजार रुपये की मांग की। यह सब अभी आरोप ही हैं। दोनों केसों में कितनी सच्चाई है, यह पुलिस जांच से ही साफ होगा।
वसूली का केस दर्ज होने के बाद इन युवकों ने 3 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनका गंभीर दावा है कि पुलिस प्रशासन और सुगंधित तंबाखू माफिया ने हाथ मिला लिया है और उन पर झूठे और फर्जी केस लगाए गए हैं। कौन सच बोल रहा है, यह भी जांच के बाद ही सामने आएगा। फिर भी इस पूरे मामले से शहर के अवैध धंधों की जड़ें एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।
चालक कुरेशी ने पुलिस को जो बयान दिया है, उसमें कुछ चौंकाने वाली बातें हैं। शिकायत में दर्ज है कि वसीम झिमरी ने उसे एमआईडीसी में स्थित गोदाम में बुलाया और वहीं से सुगंधित तंबाखू का माल उठाने को कहा।
इसी गोदाम से जुड़ी एक पुरानी बात भी याद की जा रही है। कुछ साल पहले तब के स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) के पुलिस निरीक्षक बालासाहेब खाडे ने इसी गोदाम पर बड़ी रेड मारी थी। उस वक्त वहां बड़े पैमाने पर मिश्रित तंबाखू तैयार होता पाया गया था। इसके बावजूद आज झिमरी इतनी बेधड़क अपना कारोबार कैसे चला रहा है, उसे कौन सा राजनीतिक सहारा मिला हुआ है और बार-बार कानून के शिकंजे से उसे किसने बचाया, ये सवाल अब चंद्रपुर के लोगों में चर्चा का विषय हैं। खाडे के दौर में इन तंबाखू वालों पर शिकंजा कसा गया था, मगर बाद में हालात बदले और झिमरी फिर सक्रिय हो गया, ऐसा कहा जा रहा है।
लोग यह भी पूछ रहे हैं कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले और कैंसर जैसी बीमारियों को न्योता देने वाले इस धंधे पर मौजूदा एलसीबी के पुलिस निरीक्षक काचोरे कोई ठोस कार्रवाई करेंगे या नहीं।
उधर चंद्रपुर जिले में सुगंधित तंबाखू का यह कारोबार जोर-शोर से चल रहा है और अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) इस पर जानबूझकर आंख मूंदे दिखता है। आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने जब एफडीए के आयुक्त का पद संभाला था, तब पूरे राज्य में ऐसे अवैध और खतरनाक धंधों के खिलाफ सख्त मुहिम चलाई गई थी। लेकिन चंद्रपुर में एफडीए का महकमा सिर्फ तमाशबीन बना बैठा दिखता है।
एक तरफ पुलिस में दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज हो रहे हैं और तंबाखू तस्करी की परतें खुल रही हैं। दूसरी तरफ पूरे जिले की नजर इस पर है कि पुलिस और एफडीए अब क्या सख्त कदम उठाते हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।