कोल्हापुर में गन्ने के दाम पर बैठक बेनतीजा, राजू शेट्टी बोले- दाम घोषित हों, वरना कारखाने नहीं चलेंगे
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गन्ना पेराई का सीज़न शुरू होने से पहले कोल्हापुर में गन्ने के दाम का मामला गरमा गया है। किसानों को अच्छा भाव मिले, इसके लिए स्वाभिमानी शेतकरी संघटना ने सख्त रुख अपनाया है। प्रभारी मंत्री प्रकाश आबिटकर की अध्यक्षता में किसान संगठन के प्रतिनिधियों और चीनी मिल मालिकों की बैठक हुई, लेकिन उसमें कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया।
संगठन की मांग है कि इस सीज़न में गन्ने को 5000 रुपये का दाम मिले। इसके साथ ही संगठन ने कहा है कि पहली किस्त कम से कम 4500 रुपये की होनी चाहिए। इसी मांग पर संगठन अड़ा हुआ है।
पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने चेतावनी दी कि जब तक दाम घोषित नहीं होते, तब तक चीनी कारखाने शुरू नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि किसानों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। बैठक में राजू शेट्टी के साथ पूर्व सांसद संजय मंडलिक, विधायक राजेंद्र पाटील-यड्रावकर और दूसरे प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
प्रभारी मंत्री प्रकाश आबिटकर ने दोबारा बैठक का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि आज की बैठक शुरुआती थी। जिले के बाकी चीनी मिल मालिकों से बात करके सकारात्मक फैसला लेने की कोशिश की जाएगी। अगले दो से तीन दिन में फिर बैठक होने की संभावना है।
इस बीच चीनी का समर्थन मूल्य और बाज़ार का भाव भी गन्ने के दाम की बातचीत पर असर डाल सकता है। राजू शेट्टी ने कहा कि किसानों का मकसद चीनी की कमी पैदा करना नहीं है, बल्कि उत्पादकों को सही भाव मिलना ज़रूरी है।
गन्ने के दाम के साथ राजू शेट्टी ने नदी के पानी का सवाल भी उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नदी में पानी नहीं आया तो वे खुद जाकर कोयना बांध से पानी छोड़ेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सरकार जानबूझकर नदी को सूखा रख रही है। इस आरोप की अलग से पुष्टि नहीं हुई है।
अब गन्ना उगाने वाले किसानों की नज़र अगली बैठक पर है। वे देख रहे हैं कि क्या गन्ने के दाम का पेच सुलझता है, पहली किस्त कितनी मिलती है और कारखानों का पेराई सीज़न वक्त पर शुरू होता है या नहीं। तब तक स्वाभिमानी शेतकरी संघटना का आंदोलन वाला रुख कायम रहेगा, यह राजू शेट्टी ने साफ किया।
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