सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 319 | Very Poor 06:55 IST

कोजागिरी पूर्णिमा की रात हर राशि के लिए अलग पूजा, मंत्र और दान के उपाय बताए गए

अश्विन महीने की पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा के साथ मेष से मीन तक हर राशि के लोगों के लिए अलग उपाय बताए गए हैं।

कोजागिरी पूर्णिमा की रात हर राशि के लिए अलग पूजा, मंत्र और दान के उपाय बताए गए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

हिंदू धर्म में कोजागिरी पूर्णिमा का खास धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह त्योहार अश्विन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। कोजागिरी पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा भी कहा जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन रात को चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से पूरा होता है। इसी वजह से उस रात की चांदनी को खास तौर पर शुभ माना जाता है। लोग इस मौके पर चंद्रदेव की पूजा करते हैं, उन्हें जल चढ़ाते हैं और चांदनी में खीर और मसाला दूध रखने की परंपरा निभाते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से भी कोजागिरी पूर्णिमा की रात खास होती है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने और दान-पुण्य करने पर घर में सुख-समृद्धि आती है और मन को शांति मिलती है। चंद्रदेव की पूजा के साथ अगर अपनी राशि के मुताबिक कुछ उपाय किए जाएं तो उनका फायदा मिलता है। आइए जानते हैं कि मेष से मीन तक की राशियों के लोग इस दिन क्या करें।

मेष राशि के लोग कोजागिरी पूर्णिमा की रात चंद्रदेव को जल चढ़ाएं और 'ओम सोमया नमः' मंत्र का जाप करें। वृषभ राशि वाले चंद्रमा के दर्शन के बाद मक्खन या शक्कर की मिठाई चढ़ा सकते हैं। देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए श्रीसूक्त का पाठ करना शुभ माना गया है।

मिथुन राशि के लोगों को चंद्रदेव को दूध मिला पानी चढ़ाना चाहिए। धार्मिक परंपरा के मुताबिक घर पर खीर बनाकर उसमें इलायची डालें और उसे कुछ देर चांदनी में रखें। कर्क राशि पर चंद्रमा का अधिपत्य है, इसलिए इस राशि के लोग 'ओम शशांकय नमः' मंत्र का जाप करते हुए दूध, साबुत अनाज और सफेद फूल चढ़ा सकते हैं।

सिंह राशि वाले चंद्रदेव का जलाभिषेक करें और लक्ष्मी देवी की पूजा करें। धन और समृद्धि की इच्छा से वे कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं। कन्या राशि के लोग किसी शांत जगह बैठकर 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें और उसके बाद कपूर से भगवान शिव की आरती उतारें।

तुला राशि के लोग देवी लक्ष्मी को चांदी के या किसी और साफ बर्तन में खीर चढ़ाएं। साथ ही लक्ष्मी सूक्त का पाठ करके सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। वृश्चिक राशि वाले चंद्रदेव का जलाभिषेक करें और भगवान शिव की पूजा करें। शिव चालीसा या चंद्र मंत्र का जाप शुभ माना जाता है।

धनु राशि के लोगों को भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। मकर राशि वाले चंद्रदेव से प्रार्थना करें और 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। जरूरतमंद लोगों को दूध या सफेद चीजें दान करना भी शुभ माना गया है।

कुंभ राशि के लोग कोजागिरी पूर्णिमा की रात दीया जलाकर शनिदेव और चंद्रदेव का ध्यान करें। पूजा के दौरान साफ-सफाई और सुरक्षा का ध्यान रखें। मीन राशि के लोग चंद्रदेव को केसर और मिश्री मिला दूध चढ़ाने की परंपरा निभा सकते हैं। इसके साथ भगवान विष्णु से प्रार्थना करें और परिवार में शांति और सुख की कामना करें।

धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई जैसे विषयों की ये जानकारियां सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए हैं। इनमें से कोई भी प्रयोग करने से पहले जानकार की सलाह लेना जरूरी है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे