कर्जत में अनंत चतुर्दशी पर 424 गणेश मूर्तियों का विसर्जन, नेरळ घाट पर आधी रात तक चला जुलूस
कर्जत तालुका में अनंत चतुर्दशी के मौके पर 424 गणपति बाप्पा की मूर्तियों को अलग अलग घाटों पर विसर्जित किया गया, नेरळ में तीस साल पुरानी परंपरा के तहत सबसे आखिर में राजा की मूर्ति का विसर्जन हुआ।
कर्जत तालुका में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति बाप्पा को भावभीनी विदाई दी गई। तालुका के अलग अलग गणेश घाटों पर कुल 424 बाप्पों का विसर्जन किया गया। यह सब भक्तिमय माहौल में हुआ, कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
14 सितंबर को जो बाप्पा विराजमान हुए थे, उन्हें अनंत चतुर्दशी के दिन विदा किया गया। कर्जत तालुका में कुल 9590 बाप्पा विराजमान हुए थे, इनमें से 424 बाप्पा ऐसे थे जिन्हें भक्तों ने अनंत चतुर्दशी तक अपने घर या मंडल में रखा था। इन बाप्पों को ज्यादातर जगहों पर बहते पानी में विसर्जित करके विदा किया गया। कर्जत नगरपरिषद, नेरळ ग्रामपंचायत और दहिवली तर्फे वरेडी ग्रामपंचायत की तरफ से विसर्जन के लिए बड़े बड़े शामियाने लगाए गए थे।
कर्जत, नेरळ और माथेरान पुलिस स्टेशन की हद में जितने भी बाप्पा विराजमान थे, उन 424 मूर्तियों को अनंत चतुर्दशी के मौके पर पानी में विसर्जित किया गया। कर्जत नगरपरिषद हद में छह अलग अलग गणेश घाटों पर विसर्जन की तैयारी की गई थी। दहिवली, श्री प्रति पंढरपूर, मुद्रा, महावीर पेठ, शनि मंदिर के अलावा गुंडगे और भिसेगाव में भी नगरपरिषद ने इंतजाम किया था।
नेरळ कळंब रोड पर उल्हास नदी के दहिवली पुल पर बने गणेश घाट पर दहिवली तर्फे वरेडी ग्रामपंचायत ने भक्तों के लिए व्यवस्था की थी। यहां बड़ी संख्या में भक्त अपने बाप्पा को विदा करने पहुंचे। पूर्व सभापति अमर मिसाळ, सीधे चुने गए सरपंच मिसाळ समेत सारे ग्रामपंचायत सदस्यों ने बाप्पों पर फूल बरसाए। ग्रामपंचायत और लोकल कार्यकर्ताओं ने बहते पानी में गणेश मूर्तियों का विसर्जन कराया, लेकिन नदी का पानी गंदा होने की वजह से भक्तों को खुद पानी में उतरने नहीं दिया गया।
सबसे बड़ा और तीस साल पुरानी परंपरा वाला विसर्जन सोहळा नेरळ के गणेश घाट पर हुआ, जो आधी रात तक चलता रहा। नेरळ पूर्व के राजा का विसर्जन सबसे आखिर में हुआ। वहां जिला परिषद सदस्य सुनीता मोरे, कर्जत पंचायत समिति सदस्य भगवान चंचे, प्रशासक सुजित धनगर और ग्रामपंचायत अधिकारी अरुण कार्ले की मौजूदगी में यह विसर्जन हुआ।
गणेश मूर्तियों पर फूल बरसाने के लिए सारे राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। पुलिस अधिकारी राहुल वरोटे खुद कल्याण कर्जत रोड पर खड़े होकर देख रहे थे कि ट्रैफिक जाम न लगे और भक्तों को कोई दिक्कत न हो। यहां जो ब्रिटिश जमाने का बांध है, वहां किसी भी भक्त को पानी में उतरने की इजाजत नहीं थी, इसके लिए ग्रामपंचायत ने दो नावें तैनात कर रखी थीं, इन्हीं नावों की मदद से गणेश मूर्तियों को गहरे पानी में विसर्जित किया गया।
अनंत चतुर्दशी के दिन कर्जत के कई मंडलों के गणपति बाप्पा का विसर्जन उल्हास नदी के गणेश घाट पर हुआ। इस दौरान शिवशंभो युवा हायकर्स कर्जत संस्था के पदाधिकारी और सदस्य प्रशासन की मदद के लिए रस्सी और बाकी सामान लेकर मौजूद रहे। विकास चित्ते, तुषार दिवेकर, शैलेश सातपुते, महेंद्र कर्वे, सुमित गुरव, गौरव चित्ते, नेहा सातपुते, इशांत मालुसरे जैसे कार्यकर्ता गणेश भक्तों की मदद में जुटे रहे।