कल्याण में 'हर घर सीपीआर हीरो' मुहिम, वर्ल्ड हार्ट डे पर 150 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग
फोर्टिस हॉस्पिटल और मेट्रो जंक्शन मॉल की पहल में स्टाफ और ग्राहकों को सीपीआर का हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई।
वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर कल्याण के मेट्रो जंक्शन मॉल में गुरुवार को एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम हुआ। मॉल मैनेजमेंट ने फोर्टिस हॉस्पिटल के साथ मिलकर 'हर घर सीपीआर हीरो' नाम से यह मुहिम शुरू की, जिसका मकसद हार्ट अटैक जैसी इमरजेंसी में लोगों को तुरंत मदद देने के लिए तैयार करना है।
मॉल के मेन अट्रियम एरिना में हुए इस प्रोग्राम में 150 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें मॉल में आए ग्राहक, अलग-अलग स्टोर के रिटेलर्स और स्टाफ, मॉल मैनेजमेंट के लोग और साथ ही सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग, फायर सेफ्टी, एमईपी और पार्किंग डिपार्टमेंट के कर्मचारी शामिल हुए। सबने बड़े उत्साह से इसमें भाग लिया।
आयोजकों के मुताबिक, हार्ट अटैक या किसी और मेडिकल इमरजेंसी में बिना देर किए फर्स्ट एड मिलना बहुत जरूरी होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सभी को सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और इमरजेंसी में तुरंत क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई।
ट्रेनिंग फोर्टिस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन और नेशनल फर्स्ट एड, बीएलएस व सीपीआर ट्रेनर डॉ. मनजीत सिंह अरोरा की देखरेख में हुई। इसके लिए 9 सीपीआर डेमो मैनिकिन इस्तेमाल किए गए, जिन पर एक्सपर्ट्स ने प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन दिया। इसके बाद सभी सहभागियों को खुद अपने हाथों से सीपीआर करके देखने का मौका भी दिया गया, ताकि सही तरीका समझ आए।
ट्रेनिंग के दौरान बताया गया कि हार्ट से जुड़ी इमरजेंसी में फौरन रिस्पॉन्स देना कितना जरूरी है, सीपीआर के बेसिक स्टेप्स क्या हैं, और मेडिकल हेल्प आने तक कौन से फर्स्ट एड कदम उठाने चाहिए। ग्राहकों और रिटेल स्टोर के स्टाफ के अलावा मॉल के अलग-अलग डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने भी इस हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग में हिस्सा लिया। पूरा प्रोग्राम मॉल हेड नितिन म्हात्रे और ऑपरेशंस हेड स्वप्निल सायगावकर की देखरेख में ऑर्गनाइज किया गया।
इस मुहिम की प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन में देवराजन सपाटे, अभिलाष सुनीलकुमार, तेजेश सातपुते, अब्दुल अंसारी, हेमल राणे और दीपक पटेल का योगदान रहा। सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग, पार्किंग, फायर सेफ्टी और एमईपी डिपार्टमेंट के लोगों ने भी इस प्रोग्राम को सफल बनाने में साथ दिया।
आयोजकों का कहना है कि हार्ट से जुड़ी इमरजेंसी में शुरुआती कुछ मिनटों में मिलने वाली मदद जान बचाने में अहम रोल निभा सकती है। इसी सोच के साथ ऐसी मुहिमें चलाई जा रही हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट की बेसिक ट्रेनिंग पहुंचाई जा सके। कल्याण के इस प्रोग्राम से 150 से ज्यादा लोगों को सीपीआर की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग मिली।