जुन्नर में पुष्पावती नदी पर करंट लगने से किसान पिता और बेटे की मौत
जुन्नर तालुका के मढ गांव की हद में पुष्पावती नदी पर बिजली के पंप के पास करंट लगने से राजेश चकवे और उनके बेटे स्मित की मौत हो गई।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुन्नर तालुका के पश्चिमी हिस्से में मढ गांव की हद में बहने वाली पुष्पावती नदी पर रविवार (25 तारीख) को दोपहर चार से पांच बजे के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ। बिजली का तेज झटका लगने से किसान पिता और बेटे की मौत हो गई।
मरने वालों के नाम राजेश देवराम चकवे (उम्र 44 साल) और उनके बेटे स्मित राजेश चकवे (उम्र 16 साल) हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना से पारगांव इलाके के साथ मढ और माळशेज घाट परिसर में मातम छा गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक पारगांव इलाके के रहने वाले पिता और बेटे मढ गांव की हद से गुजरने वाली पुष्पावती नदी पर बिजली का पंप चेक करने गए थे। नदी के पानी का इस्तेमाल खेती के काम में होता है, इसलिए वे पंप वाली जगह पर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें बिजली का तेज झटका लगा और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह शुरुआती जानकारी है।
घटना की खबर इलाके में फैलते ही लोगों में गहरा दुख फैल गया। खेती के काम से नदी पर गए पिता और बेटे का इस तरह अंत होने से चकवे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। घर के दो लोगों की अचानक मौत से रिश्तेदार और गांव वाले भी सदमे में हैं।
खेती में बिजली के पंप इस्तेमाल करते वक्त बिजली से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा बहुत जरूरी होती है। पंप, वायरिंग या जोड़ों में कोई खराबी हो तो जान का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए ऐसे उपकरणों की नियमित जांच करना और बिजली से जुड़ा काम करते समय जरूरी एहतियात बरतना जरूरी है।
गांव के इलाकों में खेती के लिए नदी, कुओं और नालों पर बिजली के पंप बड़े पैमाने पर चलाए जाते हैं। उपकरणों में कोई खराबी वक्त रहते पकड़ में न आए तो ऐसे हादसे होने का डर रहता है। इस घटना के बाद खेती में बिजली के उपकरणों की सुरक्षा का सवाल फिर से सामने आ गया है।
पारगांव, मढ और आसपास के लोग इस हादसे से दुखी हैं और चकवे परिवार को दिलासा दे रहे हैं। हादसे की असल वजह क्या थी, यह आधिकारिक जांच से साफ होना जरूरी है।
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