JSW ग्रुप की EV एंट्री, नया ब्रांड Ampstar लॉन्च, इलेक्ट्रिक बस-ट्रक बाजार में उतरे
JSW ग्रीनटेक ने कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में उतरते हुए Ampstar ब्रांड लॉन्च किया, छत्रपति संभाजीनगर में 90 एकड़ का प्लांट बनेगा।
JSW ग्रुप ने अब भारत के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी कदम रख दिया है। ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी JSW ग्रीनटेक ने अपना नया ब्रांड ॲम्प्स्टार यानी Ampstar लॉन्च किया है, जिसके तहत शाश्वत और पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक बनाए जाएंगे। साल 2024 में शुरू हुई JSW ग्रीनटेक ने भारतीय सड़कों और मौसम की जरूरतों को ध्यान में रखकर ये गाड़ियां तैयार की हैं।
इस प्रोजेक्ट के लिए JSW ग्रीनटेक महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में 90 एकड़ का ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट खड़ा करेगी, जो कंपनी का मुख्य प्रोडक्शन बेस होगा। इस प्लांट में हर साल 10000 इलेक्ट्रिक बसें और 5000 इलेक्ट्रिक ट्रक बनाए जाएंगे। पुणे में मौजूद अत्याधुनिक R&D सेंटर और ग्लोबल टेक्नोलॉजी पार्टनर्स की मदद से भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से गाड़ियां डेवलप की जा रही हैं। इन गाड़ियों को ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी ARAI से CMVR टाइप अप्रूवल मिल चुका है, जिससे इनकी कमर्शियल बिक्री का रास्ता साफ हो गया है।
मुंबई में हुए लॉन्चिंग इवेंट में ॲम्प्स्टार ने पब्लिक और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए अलग-अलग गाड़ियां पेश कीं। इलेक्ट्रिक बसों में 9 मीटर की सिटी बस, 12 मीटर की स्टाफ बस और 12 मीटर की सिटी बस शामिल हैं। कंपनी पहले ही 100 बसों की पहली बैच जेएसडब्ल्यू स्टील (डोलवी) को कर्मचारियों की आवाजाही के लिए सौंप चुकी है। आगे चलकर 7 मीटर से 18 मीटर तक लंबाई वाली बसों का पूरा पोर्टफोलियो तैयार किया जाएगा, यह जानकारी JSW ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) सज्जन जिंदल ने दी।
मालढुलाई के लिए शुरुआत में 55 टन क्षमता वाला ई-ट्रक-ट्रेलर बाजार में उतारा गया है, बाद में अलग-अलग क्षमता के ट्रक भी लाए जाएंगे। आने वाले समय में टिपर और फिक्स-बॉडी डंपर ट्रक भी बाजार में आएंगे। इन गाड़ियों में 150 kW से 500 kW तक क्षमता वाली मोटर और पावर सिस्टम इस्तेमाल होगा।
ॲम्प्स्टार सिर्फ गाड़ियां बेचने वाला ब्रांड नहीं है, बल्कि ग्राहकों के लिए पूरा EV इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। कंपनी खुद चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेटिंग सॉल्यूशन, फाइनेंसिंग और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट देगी। ग्राहकों के पास सीधी खरीद के अलावा लीजिंग और बैटरी एज अ सर्विस यानी BaaS जैसे मालकाना हक के आसान विकल्प भी होंगे।
छत्रपति संभाजीनगर के AURIC क्षेत्र में बन रहे इस 90 एकड़ के इंटीग्रेटेड EV मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता हर साल 15000 इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक बनाने की होगी। इस कमर्शियल EV मुहिम के लिए कंपनी ने 2500 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया है।
ये गाड़ियां भारत के मौसम और सड़कों को ध्यान में रखकर इन-हाउस डिजाइन की गई हैं और इनमें 150 kW से 500 kW तक की पावर कॉन्फिगरेशन होगी। इनमें डबल-कूलिंग बैटरी सिस्टम और सिर्फ 7 मिनट में बैटरी स्वैपिंग यानी बैटरी बदलने की सुविधा दी गई है। ग्राहकों के लिए सीधी खरीद, लीजिंग और बैटरी-एज-अ-सर्विस के विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे गाड़ी की शुरुआती कीमत कम रखी जा सकेगी।