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18:47 IST

जयशंकर के घाना दौरे में दो करार, विज्ञान और खेती में साथ काम करेंगे भारत-घाना

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घाना यात्रा के दौरान वैज्ञानिक शोध, शिक्षा और कृषि अनुसंधान पर दो MoU पर दस्तखत हुए।

जयशंकर के घाना दौरे में दो करार, विज्ञान और खेती में साथ काम करेंगे भारत-घाना तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की घाना यात्रा के दौरान भारत और घाना के बीच दो अहम करार (MoU) हुए हैं। ये करार वैज्ञानिक शोध, शिक्षा, क्षमता निर्माण और कृषि अनुसंधान व शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए हैं। बताया गया है कि इनसे भारत और अफ्रीकी महाद्वीप के पुराने रिश्ते और मजबूत होंगे और दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जयशंकर तीन अफ्रीकी देशों के आधिकारिक दौरे के पहले पड़ाव में घाना पहुंचे हैं। घाना के विदेश मंत्री सैम ओकुडज़ेटो अबलाक्वा के साथ हुई बैठक में ये करार साझा किए गए और दोनों देशों के द्विपक्षीय समझौतों पर मुहर लगी।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर इन करारों की जानकारी दी है। पहला करार भारत के जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) और यूनिवर्सिटी ऑफ घाना के बीच हुआ। इसके तहत दोनों संस्थाएं शैक्षणिक आदान-प्रदान, वैज्ञानिक शोध और क्षमता निर्माण के लिए मिलकर काम करेंगी। इससे दोनों देशों के शोधकर्ताओं, छात्रों और वैज्ञानिकों को नई तकनीक और रिसर्च के मौके मिलेंगे।

दूसरा करार खेती से जुड़ा है। यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और घाना के CSIR-क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच हुआ है। इस सहयोग में खेती की आधुनिक तकनीक, बीज पर शोध, फसल संरक्षण और कृषि शिक्षा पर मिलकर काम किया जाएगा। दोनों देश मुख्य रूप से खेती पर निर्भर हैं, इसलिए बताया गया है कि इस करार का सीधा फायदा दोनों देशों के किसानों और खाद्य सुरक्षा को होगा।

दौरे के पहले दिन सुबह जयशंकर ने घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा से शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में खास तौर पर पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घाना यात्रा और उसके बाद रिश्तों को मिली रफ्तार पर बात हुई। राष्ट्रपति महामा के साथ व्यापार, निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, विकास सहयोग और रक्षा क्षेत्र की साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

जयशंकर ने X पर लिखा कि वे घाना के फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट में भारत, अफ्रीका और ग्लोबल साउथ पर एक प्रतिष्ठित सभा को संबोधित करके खुश हैं। उनके शब्दों में, आज के उथल-पुथल भरे समय में कूटनीति के सामने चुनौती यह है कि होड़ को टकराव न बनने दिया जाए और हितों में मतभेद हों तब भी सहयोग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने यह भी लिखा, "हम अफ्रीका को अपने दिल में रखते हैं और ऐसी साझेदारी बनाएंगे जो सिर्फ आज के लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए हो।"

जयशंकर ने कहा कि भारत और घाना ग्लोबल साउथ के अहम साझेदार हैं। दोनों देशों की विकास को लेकर सोच एक जैसी है और उन्हें ऐतिहासिक एकजुटता की विरासत मिली है। सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार ही नहीं, बहुपक्षीय मंचों पर एक-दूसरे का साथ देने और अफ्रीकन यूनियन व पश्चिम अफ्रीकी देशों के संगठन ECOWAS के साथ भारत की भागीदारी और पक्की करने जैसे मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक जयशंकर 6 से 10 अक्टूबर के बीच अफ्रीका के तीन देशों, घाना, कोट डी'आयवर और इथियोपिया के दौरे पर हैं। इस पांच दिन के दौरे में वे तीनों देशों के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और वहां के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर दोस्ती और सहयोग की समीक्षा करेंगे।

पूरे दौरे में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापार और आर्थिक रिश्ते बढ़ाने, विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने, डिजिटल तकनीक के आदान-प्रदान और लोगों के बीच सीधे संपर्क को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है।

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