इजरायल की पर्यटन मुहिम के नक्शे पर सवाल, वेस्ट बैंक और गाजा की अलग सीमा नहीं दिखी
उत्तर अमेरिका के सैलानियों के लिए इजरायल के पर्यटन मंत्रालय की डिजिटल मुहिम में दिखाए गए नक्शे को लेकर आपत्ति उठी है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गाजा में चल रही जंग की वजह से इजरायल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। इसी बीच इजरायल ने उत्तर अमेरिका के सैलानियों को खींचने के लिए एक बड़ी पर्यटन प्रचार मुहिम शुरू की है। इस मुहिम पर इजरायल के पर्यटन मंत्रालय ने करीब 6.5 मिलियन डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है।
यह मुहिम जंग से प्रभावित हुए पर्यटन क्षेत्र को फिर से खड़ा करने के लिए चलाई जा रही है। लेकिन इसी मुहिम के एक हिस्से ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिका के Los Angeles Times की वेबसाइट पर सशुल्क पर्यटन सामग्री छपी, और उसमें दिखाए गए नक्शे को लेकर आलोचना हो रही है। आलोचना यह है कि नक्शे में वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी की अलग सीमाएं नहीं दिखाई गई हैं।
वेबसाइट पर यह सामग्री 'Israel: Land of Creation' नाम से छपी। इसे 'Paid Program' के तौर पर दिखाया गया है, और इसे इजरायल के पर्यटन मंत्रालय की मुहिम के तहत तैयार किया गया है।
इस सामग्री में एक इंटरैक्टिव नक्शा है। उसमें भूमध्य सागर से लेकर जॉर्डन नदी तक का पूरा इलाका एक ही इकाई के रूप में दिखता है। वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी के लिए कोई अलग सीमा नजर नहीं आती। इसी वजह से फिलिस्तीनी इलाके की तस्वीर पेश करने के तरीके पर सवाल उठे हैं।
मुहिम की बात करें तो इजरायल के पर्यटन मंत्रालय ने उत्तर अमेरिका के सैलानियों को केंद्र में रखकर डिजिटल पर्यटन अभियान के लिए करीब 6.5 मिलियन डॉलर रखे हैं। इसमें खास तौर पर उन समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है जो इजरायल का समर्थन करते हैं, यानी इवैंजेलिकल ईसाई और यहूदी समुदाय।
जंग का पर्यटन पर बड़ा असर पड़ा है। अब हवाई सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय सफर में सुधार हो रहा है, और इसी माहौल में सैलानियों को दोबारा इजरायल की तरफ खींचने की कोशिश की जा रही है।
पर्यटन विज्ञापन में इजरायल के धार्मिक स्थलों, समुद्र तटों, रेगिस्तान और ऐतिहासिक जगहों को सबसे ऊपर रखा गया है। लेकिन आरोप लग रहे हैं कि विज्ञापन के नक्शे में फिलिस्तीनी इलाके की राजनीतिक स्थिति का जिक्र टाल दिया गया है।
खास तौर पर वेस्ट बैंक, गाजा और गोलान हाइट्स को जिस तरह दिखाया गया, उस पर इस प्रचार मुहिम की आलोचना हुई है। नतीजा यह है कि जंग के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिशों के साथ यह सवाल फिर चर्चा में आ गया है कि नक्शों और विज्ञापनों के जरिए किसी इलाके को इस तरह पेश करना कितना ठीक है।