मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:59 IST

विश्व पर्यटन दिवस: 27 सितंबर को क्यों मनाया जाता है, जानें इसका मकसद

हर साल 27 सितंबर को दुनियाभर में विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है, जो पर्यटन को प्रकृति, संस्कृति और इंसानियत को जोड़ने वाला पुल बताता है।

विश्व पर्यटन दिवस: 27 सितंबर को क्यों मनाया जाता है, जानें इसका मकसद
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

रोज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालकर नई जगहों पर जाना, वहां की संस्कृति को करीब से देखना और प्रकृति के बीच कुछ पल बिताना, यह हर किसी को पसंद आता है। लेकिन घूमना या पर्यटन सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने तक सीमित नहीं रह गया है। पर्यटन के पीछे एक बड़ा सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक तंत्र काम करता है। इसी पर्यटन का वैश्विक महत्व लोगों तक पहुंचाने और लोगों में जिम्मेदार तरीके से घूमने की आदत डालने के मकसद से हर साल 27 सितंबर को दुनियाभर में विश्व पर्यटन दिवस बड़े उत्साह से मनाया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UN Tourism / UNWTO) ने पर्यटन के जरिए दुनियाभर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के इरादे से 27 सितंबर की तारीख चुनी थी। इस खास मौके पर हर साल अलग-अलग देशों में बड़े सेमिनार, पर्यटन प्रदर्शनियां, फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पर्यटन से दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों के बीच की दूरी कम होती है और लोगों के बीच आपसी भाईचारे और शांति का भाव और मजबूत होता है।

पर्यटन क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी भी देश या इलाके की अर्थव्यवस्था को सीधे गति देने का काम करता है। जब कोई पर्यटक किसी ऐतिहासिक, धार्मिक या खूबसूरत जगह पर जाता है, तो वह वहां के लोकल ट्रांसपोर्ट, होटल, टूर गाइड, हस्तकला कारीगरों, छोटे कारोबारियों और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों के धंधे को सहारा देता है। इसी वजह से पर्यटन को लोकल लेवल पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए मौके बनाने वाला असरदार जरिया माना गया है।

खासकर गांव और दूर-दराज के इलाकों में, जहां बड़े उद्योग लगाना मुश्किल होता है, वहां पर्यटन ही रोजी-रोटी का मुख्य सहारा बन जाता है। लोकल संस्कृति, खान-पान और पुरानी कलाओं को दुनिया के मंच पर पहचान दिलाने में पर्यटन का बड़ा हाथ है। इसीलिए विश्व पर्यटन दिवस लोकल समुदायों की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का संदेश देने वाला दिन बन जाता है।

यह दिन एक गहरा संदेश भी देता है, कि सफर सिर्फ जगह बदलने या फोटो खींचने का जरिया नहीं है, बल्कि यह अपने अनुभवों को समृद्ध करने और पूरी इंसानियत को एक सूत्र में बांधने का सुनहरा मौका है। जब अलग-अलग देशों और भाषाओं के लोग साथ आते हैं, तो एक-दूसरे की जीवनशैली और सोच का सम्मान करने की भावना बढ़ती है। पर्यटन से बनने वाली यह भावनात्मक और सांस्कृतिक नजदीकी दुनियाभर में शांति और सहयोग कायम करने में बहुत काम आती है। आज के दौर में सस्टेनेबल टूरिज्म और इको-टूरिज्म पर भी बड़ा जोर दिया जा रहा है, जिससे प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना घूमने का मजा लेने की समझ लोगों में बढ़ रही है।

आज के डिजिटल और एआई के दौर में पर्यटन क्षेत्र का रूप तेजी से बदल रहा है। ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल नक्शे, वर्चुअल टूर और नई-नई तकनीकों की वजह से घूमना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित हो गया है। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर अलग-अलग देशों की सरकारें और पर्यटन संस्थाएं पर्यटकों की सुरक्षा, नई पर्यटन जगहों के विकास और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई-नई पॉलिसी का ऐलान करती हैं।

कुल मिलाकर, विश्व पर्यटन दिवस हमें अपनी धरती की खूबसूरती बचाने, अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने और प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा देता है। प्रकृति का आदर करते हुए और लोकल संस्कृति को बचाते हुए घूमना ही असली पर्यटन है।

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