गोंडपिपरी में 1,809 करोड़ का स्टील प्लांट प्रस्तावित, 1,200 सीधे रोजगार की उम्मीद
हैदराबाद की श्री राज आयर्न अँड स्टील प्रॉडक्ट्स प्रा. लि. ने महाराष्ट्र सरकार के साथ MoU किया है।
चंद्रपुर जिले के औद्योगिक विकास के लिहाज से एक अहम खबर सामने आई है। गोंडपिपरी तालुका में हैदराबाद की श्री राज आयर्न अँड स्टील प्रॉडक्ट्स प्रा. लि. 1,809 करोड़ रुपये के निवेश से एक एकात्मिक स्टील प्रोजेक्ट लगाना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने महाराष्ट्र सरकार के साथ सामंजस्य करार यानी MoU किया है।
मिली जानकारी के मुताबिक इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट से गोंडपिपरी के साथ पूरे चंद्रपुर जिले के औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलने की संभावना है। करीब 1,200 सीधे रोजगार के मौके बनने की उम्मीद जताई गई है। काम तय प्रक्रिया के हिसाब से आगे बढ़ा तो 2029-30 के दौरान प्रोजेक्ट चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह MoU मुंबई के मंत्रालय में हुए एक कार्यक्रम में साइन हुआ। इसमें उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अनबलगन, कंपनी के डायरेक्टर किशन अग्रवाल और अनुराग अग्रवाल मौजूद थे। असोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेव्हलपमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. कपिल चंद्रायण और MIDC इंडस्ट्रीज असोसिएशन, चंद्रपुर के अध्यक्ष मधुसूदन रूंगटा भी वहां थे।
MoU के मुताबिक प्रोजेक्ट के लिए जरूरी परमिशन, रजिस्ट्रेशन, मंजूरियां, अलग-अलग सरकारी लाइसेंस और क्लिअरन्स दिलाने में सरकार अपनी नीतियों, नियमों और मौजूदा प्रावधानों के हिसाब से सहयोग करेगी।
गोंडपिपरी तालुका को खेती-प्रधान इलाके के तौर पर जाना जाता है। ऐसे में यहां इतने बड़े औद्योगिक निवेश का प्रस्ताव आना अहम माना जा रहा है। एकात्मिक स्टील प्रोजेक्ट बना तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, सेवा, सप्लाई, छोटे उद्योग और दूसरे सहायक कारोबार को भी मौका मिलने की संभावना है।
हालांकि प्रोजेक्ट जमीन पर उतरने से पहले कई सरकारी मंजूरियां, पर्यावरण से जुड़ी और दूसरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसलिए फिलहाल यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट ही है और MoU आगे की प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव है।
गोंडपिपरी तालुका के नौजवानों के लिए रोजगार के मौके बनने की उम्मीद है। इसलिए आगे की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों को नौकरी में तरजीह, स्किल ट्रेनिंग और स्थानीय छोटे उद्योगों को मौका देने की ठोस योजना बने, ऐसी अपेक्षा जताई जा रही है।
कुल मिलाकर 1,809 करोड़ का प्रस्तावित निवेश और करीब 1,200 सीधे रोजगार को देखते हुए अब पूरे जिले की नजर इस प्रोजेक्ट पर है। आगे की प्रशासकीय प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और असल काम कब शुरू होता है, इस पर लोगों की निगाह रहेगी।