गोमूत्र न हो तो घर शुद्ध करने के लिए गंगाजल, तुलसी और कपूर जैसे उपाय
देवपूजा से पहले घर शुद्ध करना हो और गोमूत्र न मिले, तो पारंपरिक चीजों से भी यह किया जा सकता है।
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हिंदू धर्म में देवपूजा और घर की शुद्धि को खास अहमियत दी गई है। आम तौर पर घर शुद्ध करने के लिए गोमूत्र का इस्तेमाल होता है, क्योंकि माना जाता है कि उसमें नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और माहौल को पवित्र करने की बहुत ज्यादा क्षमता है। लेकिन किसी वजह से गोमूत्र न मिले तो फिक्र की बात नहीं है। सनातन धर्म में इसके अच्छे विकल्प बताए गए हैं, जिनसे घर उतना ही शुद्ध और पवित्र किया जा सकता है।
सबसे पहला और सबसे बेहतर विकल्प गंगाजल है। गंगाजल को परम पवित्र माना गया है। इसे इस्तेमाल करने के लिए तांबे या पीतल के बर्तन में साफ पानी लें और उसमें गंगाजल की कुछ बूंदें डालें। फिर 'ॐ नमः शिवाय' या 'गंगा माता' का जाप करते हुए यह पानी घर के सभी कोनों में और मुख्य दरवाजे पर छिड़कें।
दूसरा उपाय तुलसी का पानी है। तुलसी के पौधे में माहौल को शुद्ध करने और जंतुओं को खत्म करने के कुदरती गुण होते हैं। तांबे के बर्तन में पानी भरकर उसमें तुलसी की कुछ पत्तियां डालें। खास तौर पर विष्णु पूजा में इस्तेमाल हुई या ताजी पत्तियां लें। पानी को कुछ देर ऐसे ही रखें, ताकि तुलसी का अर्क पानी में उतर जाए। फिर तुलसी की पत्ती से ही यह पानी पूरे घर में छिड़कें। कहा जाता है कि इससे घर की नकारात्मकता खत्म होती है।
पंचगव्य के बाकी हिस्से भी काम आ सकते हैं। गोमूत्र न हो तो गाय का कच्चा दूध या दही पानी में थोड़ा मिलाकर पूरे घर में छिड़कने से शुद्धि होती है। गाय का दूध भी बहुत पवित्र माना जाता है।
घर की शुद्धि सिर्फ पानी छिड़कने से नहीं, धुआं देकर भी की जा सकती है। इसके लिए देवपूजा के बाद साधारण कपूर की जगह भीमसेनी कपूर जलाएं और उसका धुआं पूरे घर में घुमाएं। बताया गया है कि कपूर की खुशबू से घर के सूक्ष्म जंतु मरते हैं, वास्तु दोष दूर होता है और सकारात्मक ऊर्जा बनती है।
धूप, गुग्गुल और लोबान का इस्तेमाल भी पुराने जमाने से घर की शुद्धि के लिए होता आया है। गोबर के उपले का एक टुकड़ा (अगरबत्ती या कोयला) जलाएं और उस पर गुग्गुल, लोबान और थोड़ा गाय का घी डालें। इसका खुशबूदार धुआं घर के कोने-कोने में घुमाने से घर की बुरी शक्तियां या नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और मन खुश रहता है।
हल्दी और नमक का पानी भी एक उपाय है। वैज्ञानिक और आध्यात्मिक, दोनों नजरिए से हल्दी और नमक अच्छे शुद्ध करने वाले तत्व हैं। घर में पोंछा लगाते समय या कोनों में छिड़कने के लिए पानी में थोड़ी हल्दी और दरदरा नमक (समुद्री नमक) डालें। हल्दी को मंगल का प्रतीक माना जाता है, जबकि नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है।
घर शुद्ध करते समय या पानी छिड़कते समय आपका मन खुश और पवित्र होना चाहिए। पानी छिड़कते वक्त "ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा | यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः ||" मंत्र या गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। कहा गया है कि इससे इन उपायों का असर और बढ़ जाता है।
(ध्यान दें: धर्म, ज्योतिष, वास्तु, फेंगशुई जैसे विषयों के लेख और खबरें सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए हैं। इनसे जुड़ा कोई भी प्रयोग करने से पहले जानकारों की सलाह जरूरी है। हमारा मकसद सिर्फ पाठकों को जानकारी देना है।)
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