गिटारवादक महेश तिनाईकर का 63 की उम्र में निधन, फरहान अख्तर और विशाल दादलानी ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय रॉक संगीत के जाने-माने गिटारवादक और संगीत शिक्षक महेश तिनाईकर का 15 अक्टूबर को हार्ट अटैक से निधन हो गया।
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भारतीय रॉक संगीत की दुनिया से एक दुखद खबर आई है। मशहूर गिटारवादक और संगीत शिक्षक महेश तिनाईकर का 63 साल की उम्र में निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक 15 अक्टूबर को हार्ट अटैक आने से उन्होंने आखिरी सांस ली।
उनके जाने से संगीत की दुनिया में शोक की लहर है। कई कलाकारों और चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अभिनेता, गायक और फिल्म निर्माता फरहान अख्तर और संगीतकार विशाल दादलानी ने भी महेश तिनाईकर को याद करते हुए भावुक पोस्ट शेयर की हैं।
महेश तिनाईकर 1984 में बने रॉक बैंड 'रॉक मशीन' के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। आगे चलकर यही बैंड 'इंडस क्रीड' के नाम से जाना गया। इस बैंड में गायक उदय बेनेगल, कीबोर्ड बजाने वाले जुबिन बालापोरिया, बास बजाने वाले मार्क सेल्विन, गिटारवादक जयेश गांधी और ड्रमर मार्क मेनेजेस शामिल थे। अपनी गिटार से महेश तिनाईकर ने भारतीय रॉक संगीत में अहम योगदान दिया। उनके निधन से संगीत प्रेमियों को बड़ा झटका लगा है।
फरहान अख्तर ने इंस्टाग्राम पर महेश तिनाईकर की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर की। उसके साथ उन्होंने लिखा, "आत्मा की शांति में विश्राम करो भाई। महेश तिनाईकर।" फरहान की इस पोस्ट में महेश के लिए उनका सम्मान और उन्हें खोने का दुख साफ झलकता है।
विशाल दादलानी ने भी श्रद्धांजलि देते हुए भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा, "आज भारत ने एक महान शख्सियत खोई है।" विशाल ने कहा कि 'रॉक मशीन' से लेकर आज के हर रॉक संगीत प्रेमी तक, कई लोग महेश तिनाईकर के कर्जदार हैं। उनके मुताबिक महेश ने भारतीय रॉक संगीत के लिए ऐसा रास्ता बनाया, जिसकी उस दौर में कल्पना करना भी मुश्किल था।
विशाल ने महेश तिनाईकर को प्रेरणा देने वाला और दूरदृष्टि रखने वाला संगीतकार बताया। उन्होंने उन्हें ऐसा इंसान भी कहा जो सही बातों के पक्ष में डटकर खड़ा रहता था। विशाल खुद को खुशनसीब मानते हैं कि उन्हें 'इंडस क्रीड' के साथ मंच पर परफॉर्म करने और सबके सामने महेश का शुक्रिया अदा करने का मौका मिला। अपना दुख जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा, "मेरे दिल पर जैसे जोरदार वार हुआ है।"
विशाल दादलानी ने उदय बेनेगल, मार्क सेल्विन, जुबिन बालापोरिया, जयेश गांधी, शांतनु हुडलीकर और फरहाद वाडिया के साथ महेश के परिवार के प्रति भी संवेदना जताई। महेश तिनाईकर के जाने से भारतीय रॉक संगीत का एक अहम अध्याय खत्म हो गया, लेकिन उनके संगीत की विरासत हमेशा याद रखी जाएगी।