गणेशोत्सव में 'सुप्रीम कोर्ट' की थीम पर पंडाल, जज के गेटअप में बप्पा का वीडियो वायरल
गणेशोत्सव के दौरान देशभर में तरह-तरह के पंडाल सजाए जा रहे हैं, इसी बीच वारंगल में सुप्रीम कोर्ट की थीम पर बनाया गया 'न्यायमूर्ती गणराया' का पंडाल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
गणेशोत्सव के शुभ मौके पर देशभर में इस बार भी खूबसूरत और अलग-अलग तरह के पंडाल सजाए गए हैं। भव्य थीम्स पर बने ये पंडाल भक्तों के साथ-साथ इंटरनेट पर भी सबका ध्यान खींच रहे हैं। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर गणपति बप्पा के अलग-अलग पंडालों के फोटो और वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं। कोई नोटों से बप्पा को सजा रहा है तो कोई पानीपुरी की पूरी से गणेश की मूर्ति बना रहा है। इसी कड़ी में अब न्यायमूर्ती गणराया और कोर्ट के रूप में सजाया गया एक पंडाल इंटरनेट पर काफी पसंद किया जा रहा है।
इस अनोखे पंडाल की बाहरी बनावट सुप्रीम कोर्ट जैसी दिखती है। पंडाल के अंदर घुसते ही भक्तों को असली कोर्ट में आने जैसा एहसास होता है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पंडाल को बाहर से पूरी तरह कोर्ट के रूप में सजाया गया है। भगवान गणेश को जज के गेटअप में सजाया गया है। कुर्सी पर जज के गेटअप में बैठी गणेश की यह मूर्ति शायद ही किसी ने पहले देखी हो। उनके एक हाथ में जज का हथौड़ा है तो दूसरे हाथ में न्याय की तराजू।
खास बात यह है कि पंडाल में वकील, पुलिस और गवाहों के लिए बने पिंजरे की भी पूरी सेटिंग की गई थी। इतना ही नहीं, बैकग्राउंड में 'यतो धर्मस्ततो जयः' का जाप और न्याय से जुड़े श्लोक भी लिखे हुए थे। गणेश की मूर्ति के बगल में मूषकराज भी खड़े नजर आते हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा पंडाल पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से बनाया गया था। यह अनोखा पंडाल इंटरनेट पर काफी ट्रेंड कर रहा है और भक्त बड़ी संख्या में 'न्याय गणपती' के दर्शन के लिए इस जगह पहुंच रहे हैं।
इस अनोखे गणेश पंडाल का वीडियो ANI ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर शेयर किया है। पोस्ट में लिखा गया है कि तेलंगाना के वारंगल में सुप्रीम कोर्ट की थीम वाला यह पर्यावरण के अनुकूल 'न्यायमूर्ती गणपती' पंडाल भक्तों को आकर्षित कर रहा है, और यह आस्था तथा रचनात्मकता का अनोखा मेल है जिसमें पर्यावरण जागरूकता का संदेश भी है। यह वीडियो 20 सितंबर 2026 को पोस्ट किया गया था। वीडियो को अब तक 23.5 हजार व्यूज मिल चुके हैं और कई यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी राय दी है।
एक यूजर ने लिखा, "देवा की ऐसी अवहेलना मत करो।" वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, "बप्पा बोलेगा अरे मुझे जैसा हूं वैसा ही रहने दो।" एक और यूजर ने सवाल उठाते हुए लिखा, "पर गणपती के साथ ये सब प्रयोग करना जरूरी है क्या? वो सीधे रूप में ही अच्छे लगते हैं।"