गणेशोत्सव और आने वाले त्योहारों के मद्देनजर वर्धा पुलिस का ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रुख
हाई कोर्ट के आदेश के बाद वर्धा पुलिस ने DJ और साउंड सिस्टम पर सख्ती बढ़ाई, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
मुंबई हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने ११ सितंबर २०२६ को एक आदेश दिया, जिसमें विदर्भ के हर जिले में ११.०९.२०२६ से ०१.११.२०२६ तक ध्वनि प्रदूषण के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आदेश को देखते हुए वर्धा जिला पुलिस ने गणेशोत्सव और आगे आने वाले धार्मिक व सामाजिक त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए खास कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
कोर्ट के आदेश में साफ तौर पर DJ साउंड सिस्टम, प्लाज्मा साउंड सिस्टम, प्रेशर-मिड साउंड सिस्टम और ऐसी साउंड मशीनें ले जाने के लिए बनाई गई मॉडिफाइड गाड़ियों के इस्तेमाल पर खास निगरानी रखने को कहा गया है।
वर्धा पुलिस ने इस पर जो कार्रवाई करने की बात कही है, वह इस तरह है। ध्वनि प्रदूषण के नियम तोड़ने वाले मंडलों, आयोजकों, DJ चलाने वालों और मालिकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तय सीमा से ज्यादा आवाज करने वाले साउंड सिस्टम की ध्वनि पातली नापी जाएगी और नियम टूटते ही तुरंत कार्रवाई होगी।
DJ, प्लाज्मा साउंड, प्रेशर-मिड साउंड और इस तरह के मल्टी-स्पीकर सिस्टम का गैरकानूनी या नियम के खिलाफ इस्तेमाल न हो, इसके लिए खास टीमें चेकिंग करेंगी। त्योहार मंडलों को जो परमिशन और आदेश दिए गए हैं, उनमें ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी शर्तों का पूरी तरह पालन करना जरूरी होगा। साइलेंस जोन में ध्वनि प्रदूषण को लेकर खास सतर्कता बरती जाएगी।
लोगों की तरफ से ध्वनि प्रदूषण की जो भी शिकायतें आएंगी, उन पर तुरंत ध्यान देकर जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वर्धा के जिलाधिकारी सह जिला दंडाधिकारी ने BNSS की धारा १६३ के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए लेजर लाइट न इस्तेमाल करने को लेकर अधिसूचना जारी की है।
वर्धा के पुलिस अधीक्षक ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम १९५१ की धारा ३६ और धारा ३८(१) के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करके ध्वनि प्रदूषण को लेकर आदेश जारी किया है। सिर्फ आदेश निकालना मकसद नहीं है, बल्कि उस आदेश को असल में लागू करना और उसका असरदार तरीके से पालन कराना ही वर्धा पुलिस का मुख्य मकसद रहेगा। कोर्ट ने भी यही बात कही है कि सिर्फ अधिसूचना निकालना काफी नहीं, उसका असरदार पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
वर्धा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गणेशोत्सव जिले की सामाजिक और सांस्कृतिक जिंदगी का अहम त्योहार है। त्योहार की खुशी, उत्साह और परंपरा बनी रहे, इसके साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण न हो, इसकी जिम्मेदारी हर मंडल और आयोजक को लेनी चाहिए। पुलिस ने कहा है कि त्योहार उत्साह से मनाएं, लेकिन ध्वनि प्रदूषण के नियम न तोड़ें। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी समझौते के कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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