गडकरी का नेताओं पर तंज: होशियार बहुत, पर जिम्मेदारी लेने वाले कम
नागपुर के एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राजनीति के चतुर लोगों पर चुटकी ली और किसानों के लिए ठोस काम करने की नसीहत दी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर के एक कार्यक्रम में अपने खास अंदाज में राजनीतिक नेताओं पर चुटकी ली। उन्होंने कहा, "हमारे यहां राजनीति में होशियार नेता होते हैं। उंगली से मरहम लगाने का काम वो करते हैं। कड़क कपड़े पहनते हैं, कार्यक्रम के मंच पर आकर बैठते हैं और इम्प्रेशन जमाने की कोशिश भी करते हैं। लेकिन नेता के जाते ही भाग खड़े होते हैं। ऐसे चतुर लोग बहुत हैं। उनकी चतुराई समझ में आ जाती है, पर उनमें ओनरशिप नहीं होती। मगर दुर्भाग्य से राजनीति में यह सब चल जाता है।"
इसी बातचीत में गडकरी ने महादेव के मंदिर में दूध चढ़ाने का उदाहरण देकर नेताओं की सोच पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "बारिश हो इसलिए महादेव के मंदिर में सबको दूध डालने को कहा जाए, तो राजनीति के लोग पानी डाल देंगे, दूध की एक बूंद भी नहीं दिखेगी। वजह यह कि साहब ने कहा है तो पूरा गांव दूध डालेगा ही, फिर अपना दूध क्यों खत्म करें, ऐसा वो सोचते हैं।"
गडकरी ने आगे कहा, "आखिर में कुछ नतीजा तो निकलना चाहिए। सिर्फ सौम्य बन जाने से कोई फायदा नहीं।" उन्होंने अपील की कि सभी को ओनरशिप लेनी चाहिए कि अपने गांव और निर्वाचन क्षेत्र में आकर मैं तस्वीर बदलूंगा। उनका संदेश था कि नेता सिर्फ दिखावा करने के बजाय अपने गांव और निर्वाचन क्षेत्र में किसानों के लिए ठोस काम खड़ा करें।
देश की तरक्की पर भी गडकरी ने भरोसा जताया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के तौर पर उन्होंने कहा कि भारत एक वैश्विक आर्थिक ताकत बन रहा है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और आगे के विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहद अहम है। प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने।
उन्होंने कहा, "जिस रफ्तार से भारत इस समय आगे बढ़ रहा है, उससे मुझे 100 फीसदी भरोसा है कि हम एक वैश्विक महाशक्ति बनने की दिशा में चल रहे हैं।"
गडकरी ने यह भी कहा कि आज आर्थिक ताकत बनने के लिए हमें उद्योग और खेती, दोनों क्षेत्रों की जरूरत है। जीडीपी बढ़ाने के लिए ये दोनों बेहद अहम हिस्से हैं। लेकिन औद्योगिक और कृषि विकास के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर चाहिए। उनके मुताबिक पानी, परिवहन और संचार अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर हैं।
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