गडकरी बोले, E20 पेट्रोल के खिलाफ आंदोलन 'पेड कैंपेन' था; E100 की भी मंजूरी मिली
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि E20 पेट्रोल का विरोध सोचा-समझा अभियान था। इसी बीच फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को E100 पर चलाने की इजाजत भी मिल गई है।
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एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर कुछ महीने पहले देश में काफी विवाद खड़ा हुआ था। गाड़ी चलाने वालों ने शिकायत की थी कि माइलेज कम मिल रहा है। पुरानी गाड़ियों के इंजन पर इस ईंधन का असर पड़ने का डर भी जताया गया था। अब केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस विवाद पर बात की है। उनका दावा है कि E20 पेट्रोल के खिलाफ चला आंदोलन 'पेड कैंपेन' था।
गडकरी ने यह बात भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने बताया कि करीब 3 महीने पहले E20 पेट्रोल का बड़े पैमाने पर विरोध हुआ था। गडकरी का कहना है कि इस मुद्दे पर जानबूझकर माहौल बनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल यह विरोध शांत हो चुका है।
इसी बीच केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में बदलाव की अधिसूचना जारी की है। इस बदलाव के तहत फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को E100 ईंधन पर चलाने की इजाजत दे दी गई है। E100 यानी ऐसा ईंधन जिसमें 100 फीसदी एथेनॉल होता है।
लेकिन इस इजाजत का मतलब यह नहीं है कि हर पेट्रोल गाड़ी E100 पर चलाई जा सकेगी। इसके लिए गाड़ी का फ्लेक्स-फ्यूल इस्तेमाल करने लायक होना जरूरी है। जिस गाड़ी के लिए यह सुविधा नहीं है, उसमें E100 नहीं डालना चाहिए। इसलिए गाड़ी की किताब में ईंधन को लेकर जो हिदायतें दी गई हैं, उन्हें देख लेना चाहिए।
गडकरी के मुताबिक, अगर वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल बढ़ता है तो कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता कम हो सकती है। ऐसे में आने वाले समय में एथेनॉल का उत्पादन, ईंधन के विकल्प और गाड़ियों से जुड़ी टेक्नोलॉजी को ज्यादा अहमियत मिल सकती है। फिर भी गाड़ी मालिकों को अपनी गाड़ी की किताब में दी गई ईंधन संबंधी हिदायतों का पालन करना जरूरी है।
E20 पेट्रोल में 80 फीसदी पेट्रोल और 20 फीसदी एथेनॉल मिला होता है। इसका मकसद कच्चे तेल का आयात घटाना और एथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाना है। कुछ गाड़ियों में E20 इस्तेमाल करने पर माइलेज में फर्क महसूस हो सकता है। यह फर्क कितना होगा, यह गाड़ी के मॉडल, इंजन की बनावट और ईंधन की खासियतों पर निर्भर करता है।
यानी E20 को लेकर गाड़ी चलाने वालों में माइलेज की शिकायतों से जो उलझन पैदा हुई थी, उस पर गडकरी ने अपनी बात रखी है। साथ ही सरकार ने E100 का रास्ता भी खोल दिया है, पर वह सिर्फ फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए है। किसी भी गाड़ी में E100 डालने से पहले उसकी किताब की हिदायतें जांच लेनी चाहिए।
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